13 august 2026 ; Dehradun।
देहरादून। उत्तराखंड में पर्वतीय और सीमावर्ती इलाकों की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार की पहल को केंद्र से सकारात्मक संकेत मिला है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से भेजे गए प्रस्तावों पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक परीक्षण और विचार के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री धामी को पत्र भेजकर बताया है कि राज्य सरकार की ओर से रखे गए विभिन्न प्रस्तावों को संबंधित अधिकारियों के पास भेज दिया गया है। इन प्रस्तावों में कई महत्वपूर्ण पर्वतीय मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जोड़ने अथवा मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्गों के स्पर के रूप में विकसित करने की मांग शामिल है।
दरअसल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 24 जुलाई 2026 को केंद्र सरकार के समक्ष उत्तराखंड की सड़क आवश्यकताओं से जुड़े इन प्रस्तावों को रखा था। इनमें सिकुड़ा बैंड से एन.टी.डी. (अल्मोड़ा) तक करीब एक किलोमीटर लंबे मार्ग को, सुरंग निर्माण सहित, राष्ट्रीय राजमार्ग-309बी के स्पर के तौर पर विकसित करने का प्रस्ताव प्रमुख है।
इसके अलावा सेराघाट–बाड़ेछीना मार्ग, जिसकी लंबाई लगभग 45 किलोमीटर है, को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में शामिल करने की मांग की गई है। इसी क्रम में मरचूला–भिकियासैंण मार्ग के करीब 72 किलोमीटर हिस्से को भी राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं कालसी–चकराता मोटर मार्ग, लगभग 44 किलोमीटर लंबा, को राष्ट्रीय राजमार्ग-707ए और 507 के स्पर के रूप में विकसित करने का अनुरोध किया गया है।
राज्य सरकार का मानना है कि इन मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग व्यवस्था से जोड़ने से पहाड़ी क्षेत्रों में आवागमन सुगम होने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। बेहतर सड़क सुविधा से पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने, स्थानीय उत्पादों के परिवहन में सुधार आने और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
विशेष रूप से पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए मजबूत सड़क नेटवर्क को विकास की आधारभूत जरूरत माना जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ने के बाद इन मार्गों के विकास, रखरखाव और यातायात सुविधा को व्यापक स्तर पर बेहतर किए जाने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र के रुख को राज्य के लिए महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रस्तावों की तकनीकी एवं अन्य आवश्यक जांच पूरी होने के बाद इन पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। राज्य सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सहयोग और उत्तराखंड की सड़क जरूरतों को प्राथमिकता देने के लिए आभार भी व्यक्त किया गया है।
इन परियोजनाओं पर आगे होने वाला निर्णय उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क ढांचे के विस्तार के लिहाज से अहम माना जा रहा है। यदि प्रस्ताव स्वीकृत होते हैं तो अल्मोड़ा, चकराता, मरचूला, भिकियासैंण, सेराघाट और बाड़ेछीना जैसे क्षेत्रों को बेहतर राष्ट्रीय सड़क संपर्क मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ेगा।

