1 august 2026 ; Dehradun।
देहरादून। आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को गति देते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा और चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं तकनीक आधारित बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य मतदाता सेवाओं को तेज, सरल और भरोसेमंद बनाना है, ताकि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जनसहभागिता दोनों को मजबूती मिल सके।
सबसे महत्वपूर्ण बदलाव मतदाता पहचान पत्र (ईपीआईसी) को लेकर किया गया है। अब अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशित होने के बाद पात्र मतदाताओं को 15 दिनों के भीतर उनका वोटर आईडी कार्ड उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू कर दी गई है। साथ ही, आवेदन करने वाले प्रत्येक मतदाता को उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर समय-समय पर संदेश भेजकर यह जानकारी भी दी जाएगी कि उसका पहचान पत्र किस चरण में है और कब तक जारी होगा।
चुनाव प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय आयोग द्वारा किए गए सुधारों को राज्य में लागू करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। इन सुधारों में मतदाता सूची की पारदर्शिता बढ़ाने, राजनीतिक दलों के साथ बेहतर समन्वय, चुनावी कर्मचारियों के कौशल विकास और आधुनिक तकनीक के व्यापक उपयोग पर विशेष जोर दिया गया है। इन प्रयासों से चुनावी व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी और भरोसेमंद बनाने की उम्मीद है।
ईवीएम पर दिखाई देगी उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीर
इस बार विधानसभा चुनाव में मतदान के दौरान मतदाता इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर उम्मीदवारों की स्पष्ट रंगीन तस्वीर भी देख सकेंगे। आयोग के व्यापक सुधार कार्यक्रम में शामिल इस व्यवस्था का उद्देश्य मतदाताओं को उम्मीदवार की सही पहचान कराने में मदद करना है, ताकि वे बिना किसी भ्रम के अपने पसंदीदा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान कर सकें।
मतदान केंद्रों पर मिलेगी मोबाइल जमा करने की सुविधा
मतदान के दौरान मोबाइल फोन को लेकर होने वाली असुविधा को देखते हुए आयोग ने नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत मतदान केंद्रों के पास सुरक्षित मोबाइल जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे मतदाता बिना किसी परेशानी के मतदान केंद्र में प्रवेश कर सकेंगे और मतदान के बाद अपना मोबाइल सुरक्षित वापस प्राप्त कर सकेंगे।
सभी संबंधित पक्षों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
निर्वाचन आयोग ने इस बार केवल चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों तक प्रशिक्षण सीमित नहीं रखा है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, पुलिस अधिकारियों, मीडिया कर्मियों और अन्य संबंधित अधिकारियों के लिए भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी पक्षों को नई व्यवस्थाओं और नियमों की जानकारी देकर चुनाव को अधिक व्यवस्थित और निष्पक्ष बनाना है।
सात नए राजनीतिक दलों ने किया पंजीकरण का आवेदन
विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। इसी क्रम में सात नए राजनीतिक दलों ने गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के रूप में पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। हालांकि, निर्वाचन आयोग ने नियमानुसार पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने तक इन दलों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।
चुनावी व्यवस्था को आधुनिक बनाने की पहल
निर्वाचन आयोग का मानना है कि नई व्यवस्थाओं से मतदाता सेवाओं में तेजी आएगी, चुनावी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और मतदान के दौरान मतदाताओं को बेहतर अनुभव मिलेगा। आगामी विधानसभा चुनाव में इन सुधारों का सीधा लाभ मतदाताओं के साथ-साथ चुनाव प्रबंधन से जुड़े सभी पक्षों को मिलने की उम्मीद है।

