देहरादून ; 19.08.2026।
देहरादून। रक्षाबंधन के अवसर पर उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश की महिलाओं के लिए राहत भरा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने 28 और 29 अगस्त को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में महिलाओं को राज्य की सीमा के भीतर मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का निर्णय लिया है। इन दोनों दिनों में यात्रा करने वाली महिलाओं से बस का किराया नहीं वसूला जाएगा।
शासन की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर परिवहन निगम को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य रक्षाबंधन के दौरान महिलाओं के आवागमन को आसान बनाने के साथ ही उनके यात्रा खर्च का बोझ कम करना है।
मायके जाने वाली महिलाओं को मिलेगा फायदा
रक्षाबंधन के त्योहार पर बड़ी संख्या में महिलाएं अपने मायके या परिवार के अन्य सदस्यों से मिलने के लिए यात्रा करती हैं। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में दूर-दराज के इलाकों से आने-जाने में समय और खर्च दोनों अधिक होते हैं। ऐसे में दो दिन की निशुल्क बस यात्रा महिलाओं के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है।
सरकार के निर्णय के तहत यह सुविधा उत्तराखंड के भीतर संचालित उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में लागू रहेगी। यानी राज्य के अंदर यात्रा करने वाली महिलाएं निर्धारित दोनों तारीखों पर बिना किराया दिए रोडवेज बस से सफर कर सकेंगी।
सरकार करेगी अतिरिक्त खर्च की भरपाई
महिलाओं को मुफ्त यात्रा उपलब्ध कराने से परिवहन निगम पर जो अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा, उसकी भरपाई राज्य सरकार की ओर से की जाएगी। शासनादेश में इस संबंध में स्पष्ट व्यवस्था की गई है, जिससे निगम को मुफ्त यात्रा सुविधा लागू करने में आर्थिक परेशानी न हो।
अपर सचिव उत्तराखंड शासन रीना जोशी की ओर से जारी आदेश के बाद परिवहन विभाग ने निगम को निर्देश दिया है कि शासन के फैसले के अनुरूप तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
त्योहार के दौरान सफर होगा आसान
सरकार का यह कदम रक्षाबंधन के दौरान बढ़ने वाली यात्रियों की संख्या को देखते हुए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। महिलाओं को किराये से राहत मिलने के साथ सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से सुरक्षित और सुगम यात्रा का विकल्प मिलेगा। खासतौर पर पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं के लिए यह सुविधा त्योहार के समय आने-जाने में आर्थिक मददगार हो सकती है।
इस तरह 28 और 29 अगस्त को उत्तराखंड के भीतर रोडवेज बसों से यात्रा करने वाली महिलाओं को किराया नहीं देना होगा। सरकार की ओर से लिए गए इस फैसले से रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को आर्थिक राहत के साथ आवागमन में भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

