25 june 2026,
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने अनुकंपा के आधार पर नियुक्त कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए पुरानी पेंशन योजना (OPS) से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। इस फैसले से उन हजारों कर्मचारियों को लाभ मिलने की संभावना है, जो लंबे समय से OPS के दायरे में शामिल किए जाने की मांग कर रहे थे।
पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार अब पात्रता तय करने के लिए नियुक्ति पत्र जारी होने की तारीख नहीं, बल्कि नौकरी के लिए किए गए आवेदन की तारीख को आधार माना जाएगा। इससे उन कर्मचारियों को विशेष राहत मिलेगी, जिनकी भर्ती प्रक्रिया विभिन्न प्रशासनिक कारणों से लंबी चली और नियुक्ति 1 जनवरी 2004 के बाद हुई।
क्या है पूरा मामला?
केंद्र सरकार ने वर्ष 2004 से पुरानी पेंशन योजना की जगह राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) लागू की थी। इसके बाद नियुक्त होने वाले अधिकांश कर्मचारियों को NPS के तहत शामिल किया गया। हालांकि कई ऐसे मामले सामने आए, जिनमें कर्मचारी या उनके परिजनों ने नौकरी के लिए आवेदन 1 जनवरी 2004 से पहले किया था, लेकिन नियुक्ति बाद में मिली।
मार्च 2023 में सरकार ने ऐसे कर्मचारियों को OPS चुनने का विकल्प दिया था, लेकिन अनुकंपा नियुक्त कर्मचारियों को उस व्यवस्था से बाहर रखा गया था। कर्मचारी संगठनों ने इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए लगातार विरोध दर्ज कराया था।
कर्मचारी संगठनों की मांग हुई पूरी
फरवरी 2026 में आयोजित राष्ट्रीय परिषद-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। कर्मचारी प्रतिनिधियों ने तर्क दिया था कि अनुकंपा नियुक्ति भी एक वैध सरकारी भर्ती प्रक्रिया है, इसलिए ऐसे कर्मचारियों को भी समान पेंशन अधिकार मिलने चाहिए।
सरकार द्वारा अब नियमों में संशोधन किए जाने के बाद कर्मचारी संगठनों ने फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे लंबे समय से लंबित एक महत्वपूर्ण मांग पूरी हुई है और प्रभावित परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
किन कर्मचारियों को होगा फायदा?
- नए आदेश का लाभ मुख्य रूप से उन कर्मचारियों को मिल सकता है—
- जिन्होंने या जिनके परिवार ने सरकारी नौकरी के लिए आवेदन 1 जनवरी 2004 से पहले किया था।
- जिनकी नियुक्ति अनुकंपा के आधार पर बाद में हुई।
- जो वर्तमान में NPS के अंतर्गत कार्यरत हैं लेकिन OPS पात्रता की शर्तें पूरी करते हैं।
हालांकि अंतिम पात्रता संबंधित विभागों द्वारा निर्धारित नियमों और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद तय की जाएगी।
क्या सभी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए लौटेगी OPS?
पुरानी पेंशन योजना को लेकर देशभर में चर्चा जारी है, लेकिन केंद्र सरकार का रुख अभी भी स्पष्ट है। सरकार ने कई अवसरों पर कहा है कि सभी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए OPS बहाल करने पर फिलहाल कोई विचार नहीं किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया फैसला केवल एक सीमित वर्ग के कर्मचारियों के लिए राहत है, लेकिन इससे OPS को लेकर चल रही बहस को नया बल मिल सकता है।
8वें वेतन आयोग के बीच बढ़ी चर्चा
8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों की अपेक्षाएं पहले से ही बढ़ी हुई हैं। ऐसे समय में अनुकंपा नियुक्त कर्मचारियों के पक्ष में आया यह निर्णय सरकारी कर्मचारियों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि यह कदम सामाजिक न्याय और कर्मचारी हितों की दिशा में एक सकारात्मक पहल साबित हो सकता है।
सरकार के इस फैसले से हजारों परिवारों को भविष्य में बेहतर पेंशन सुरक्षा मिलने की उम्मीद जगी है, जबकि कर्मचारी संगठनों ने इसे अपनी लंबे समय से चली आ रही मांग की महत्वपूर्ण सफलता बताया है।

