देहरादून ; 11.09.2026।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया। बैठक में ऊर्जा, चिकित्सा शिक्षा, खेल, माध्यमिक शिक्षा, कारागार प्रशासन, पर्यटन और अन्य विभागों से जुड़े विषयों पर चर्चा के बाद प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी मुख्यमंत्री के अपर सचिव एवं सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान दी।
बिजली नियामक आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में होगी पेश
कैबिनेट ने उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की वर्ष 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट को आगामी विधानसभा सत्र के दौरान सदन के पटल पर रखने की अनुमति दे दी है। इसके साथ ही आयोग के वार्षिक लेखा विवरण को भी विधानमंडल के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है।
कारागार विभाग की सेवा नियमावली में बदलाव
बैठक में उत्तराखंड कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग की समूह ‘क’ और ‘ख’ सेवा नियमावली से जुड़े प्रस्तावों पर भी महत्वपूर्ण निर्णय हुआ। सुधारात्मक विंग के लिए अपर महानिरीक्षक कारागार का एक नया पद सृजित किए जाने के बाद उसे संवर्गीय ढांचे में शामिल करने के लिए मौजूदा नियमों में संशोधन को स्वीकृति दी गई। विभागीय व्यवस्था और कर्मचारियों के हित को देखते हुए वर्ष 2026 की संशोधित सेवा नियमावली के प्रख्यापन को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई।
सरकारी वकीलों की फीस में बदलाव
राज्य सरकार की ओर से उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय और अधीनस्थ अदालतों में पैरवी करने वाले शासकीय अधिवक्ताओं को मिलने वाले शुल्क की दरों के पुनर्निर्धारण को भी कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी। फीस में बदलाव के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित सात सदस्यीय समिति ने अपनी सिफारिशें सरकार को दी थीं। इन्हीं सिफारिशों के आधार पर शुल्क की दरों में वृद्धि का फैसला किया गया है।
विधिक माप विज्ञान नियमों में संशोधन
कैबिनेट ने उत्तराखंड विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) नियमावली, 2012 में संशोधन करते हुए वर्ष 2026 की संशोधित नियमावली को लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य वजन और माप से जुड़े लाइसेंस की प्रक्रिया को अधिक सरल बनाना है।
केंद्र सरकार के Ease of Doing Business और Trust Based Regulatory Framework के तहत चलाए जा रहे डीरেগुलेशन कार्यक्रम के अनुरूप यह बदलाव किया गया है। एक मई 2026 से लागू केंद्रीय प्रावधानों के अनुरूप राज्य के नियमों में आवश्यक संशोधन किया गया है, ताकि लाइसेंसिंग प्रक्रिया को आसान बनाया जा सके।
मेडिकल कॉलेजों के MBBS इंटर्न को अब 25 हजार रुपये स्टाइपेंड
चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में कैबिनेट ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों के MBBS इंटर्न के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। श्रीनगर, हल्द्वानी, देहरादून, हरिद्वार और अल्मोड़ा स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेजों में प्रशिक्षण ले रहे MBBS इंटर्न को अब न्यूनतम 25 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलेगा।
इससे पहले इंटर्न को 17 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे थे। यानी स्टाइपेंड में 8 हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग में व्यायाम शिक्षकों के 33 नए पद
कैबिनेट ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत अपर सहायक अध्यापक व्यायाम के 33 पद सृजित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इन पदों का उपयोग विशेष रूप से खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की सरकार की नीति से जोड़कर किया गया है।
खेल नीति 2021 के तहत अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी सेवा देने का प्रावधान है। इसी व्यवस्था के तहत सहायक अध्यापक व्यायाम के लेवल-7 के 1898 स्वीकृत पदों में से 33 पद समर्पित कर अपर सहायक अध्यापक व्यायाम के लेवल-6 के 33 पद बनाए जाएंगे।
पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए 243 पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ
उत्तराखंड कैबिनेट ने खेल नीति 2021 के तहत पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। इसके तहत खेल, युवा कल्याण, गृह, परिवहन, शिक्षा और वन विभाग से संबंधित कुल 243 पदों पर खिलाड़ियों को नियुक्ति देने की अनुमति प्रदान की गई है।
सरकार के इस फैसले को प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में अवसर मिलने का रास्ता साफ होगा।
देहरादून-मसूरी रोपवे परियोजना से जुड़ा भूमि प्रस्ताव मंजूर
देहरादून के पुरूकुल गांव से मसूरी के लाइब्रेरी चौक तक प्रस्तावित रोपवे परियोजना को लेकर भी कैबिनेट ने अहम फैसला किया। परियोजना के अपर टर्मिनल प्वाइंट और पार्किंग निर्माण से संबंधित भूमि व्यवस्था के तहत मसूरी में गढ़वाल सभा को पूर्व में लीज पर दी गई भूमि के बराबर 972 वर्ग मीटर भूमि लीज पर देने की अनुमति दी गई है।
यह भूमि मसूरी स्थित गढ़वाल मंडल विकास निगम की पार्किंग के लिए पूर्व में खरीदी गई भूमि में से उपलब्ध कराई जाएगी।
हरिद्वार में ESI अस्पताल के लिए 15 एकड़ जमीन आवंटित
कैबिनेट ने हरिद्वार में कर्मचारी राज्य बीमा निगम के अस्पताल के निर्माण से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। कर्मचारी राज्य बीमा निगम चिकित्सालय, हरिद्वार के आसपास चिन्हित 15 एकड़ भूमि को ESI अस्पताल के निर्माण के लिए आवंटित करने की स्वीकृति दी गई है।
सरकार के अनुसार, इस भूमि के आवंटन से अस्पताल निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी और क्षेत्र में ESI से जुड़े स्वास्थ्य ढांचे के विकास का रास्ता तैयार होगा।
कुल मिलाकर, कैबिनेट के फैसलों में स्वास्थ्य सेवाओं में आर्थिक सहायता बढ़ाने, खिलाड़ियों को सरकारी अवसर देने, प्रशासनिक नियमों में सुधार करने तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने जैसे विषय प्रमुख रहे।

