देहरादून ; 5 नवम्बर 2026,
देहरादून। दीपावली की तैयारियों के बीच उत्तराखंड के लाखों परिवारों के लिए आर्थिक राहत की खबर है। राज्य में सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने वाले करीब 10 लाख लोगों के बैंक खातों में अक्टूबर महीने की किस्त पहुंचा दी गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से ऑनलाइन माध्यम के जरिए कुल 148 करोड़ 18 लाख 84 हजार 500 रुपये जारी किए। इस भुगतान का सीधा लाभ प्रदेश के बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और अन्य पात्र श्रेणियों के पेंशनधारकों को मिलेगा।
सरकार की इस कार्रवाई को त्योहार से पहले जरूरतमंद परिवारों की आर्थिक जरूरतों से जोड़कर देखा जा रहा है। नियमित पेंशन पर निर्भर रहने वाले अनेक लोगों के लिए यह राशि घर के खर्च, दवाइयों और रोजमर्रा की आवश्यकताओं को पूरा करने में मददगार साबित होगी।
इस बार जारी की गई कुल धनराशि में सबसे बड़ा हिस्सा बुजुर्गों के लिए निर्धारित किया गया है। वृद्धावस्था पेंशन के तहत 6,24,616 लोगों को 93.69 करोड़ रुपये मिले हैं। विधवा पेंशन के माध्यम से 2,39,527 महिलाओं तक 35.93 करोड़ रुपये पहुंचाए गए। वहीं दिव्यांग पेंशन के 89,971 लाभार्थियों के खातों में 13.50 करोड़ रुपये भेजे गए।
इन प्रमुख योजनाओं के अतिरिक्त भी कई वर्गों को आर्थिक सहायता दी गई। किसान पेंशन के 27,092, परित्यक्ता पेंशन के 8,442 और भरण-पोषण अनुदान के 7,461 लाभार्थियों को भुगतान किया गया। इसके अलावा तीलू रौतेली पेंशन से जुड़े 2,248 तथा बौना पेंशन योजना के 127 लोगों को भी अक्टूबर की राशि उपलब्ध कराई गई।
दस्तावेजों की परेशानी से जूझ रहे लोगों के लिए भी व्यवस्था
पेंशन योजनाओं का लाभ पहुंचाने के साथ सरकार ने उन लोगों की समस्या पर भी ध्यान दिया है, जिन्हें बढ़ती उम्र या शारीरिक अक्षमता के कारण जरूरी दस्तावेज तैयार कराने में दिक्कत होती है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, ऐसे करीब 7 हजार लोगों को विशेष प्रावधानों के तहत आधार कार्ड नहीं होने के बावजूद पेंशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर न रहना पड़े, इसी सोच के साथ सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। उनके अनुसार, पेंशन की उपयोगिता तभी है जब इसका भुगतान नियमित हो और लाभार्थियों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
भुगतान में देरी रोकने के लिए विभाग को निर्देश
पेंशन वितरण की व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट किया कि पात्र लोगों का भुगतान निर्धारित समय पर सुनिश्चित किया जाए। किसी तकनीकी या दस्तावेजी समस्या के कारण लाभार्थियों को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। उन्होंने डीबीटी प्रणाली को पारदर्शी भुगतान का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए इसके प्रभावी संचालन पर जोर दिया।
राज्य सरकार का मानना है कि सामाजिक सुरक्षा का दायरा केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं होना चाहिए। बुजुर्गों को सम्मान, विधवा महिलाओं को आर्थिक सहारा और दिव्यांगजनों को बेहतर जीवन के अवसर उपलब्ध कराना भी इसकी अहम जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आगामी धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैयादूज के लिए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर समाज कल्याण मंत्री खजान दास, अपर सचिव विक्रम यादव, निदेशक जनजाति कल्याण संजय टोलिया, संयुक्त सचिव धीरेन्द्र सिंह, संयुक्त निदेशक गीताराम नौटियाल और सहायक निदेशक हेमलता पाण्डेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
करीब 148 करोड़ रुपये का यह भुगतान राज्य की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बड़े लाभार्थी वर्ग तक पहुंचा है। अब विभाग के सामने इन योजनाओं के भुगतान को इसी तरह नियमित बनाए रखने और नए पात्र लोगों को भी इनके दायरे में लाने की जिम्मेदारी है।

