29 june 2026,
देहरादून। उत्तराखंड के राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में लंबे समय से प्रस्तावित 500 से अधिक प्रवक्ता पदों पर भर्ती प्रक्रिया फिलहाल शैक्षिक योग्यता से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे के कारण आगे नहीं बढ़ पा रही है। भर्ती शुरू करने से पहले सेवा नियमावली में समकक्ष शैक्षिक अर्हता को स्पष्ट किए जाने की आवश्यकता महसूस की गई है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी या प्रशासनिक जटिलता उत्पन्न न हो।
जानकारी के अनुसार, राज्य लोक सेवा आयोग ने तकनीकी शिक्षा विभाग से अनुरोध किया है कि सेवा नियमावली में यह स्पष्ट किया जाए कि किन शैक्षिक डिग्रियों या योग्यताओं को समकक्ष माना जाएगा। आयोग का मानना है कि यदि यह बिंदु पहले से स्पष्ट रहेगा तो भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से पूरी की जा सकेगी।
बताया जा रहा है कि विभिन्न तकनीकी विषयों में अभ्यर्थियों की शैक्षिक पृष्ठभूमि अलग-अलग होने के कारण समकक्ष योग्यता का प्रश्न महत्वपूर्ण बन गया है। ऐसे में विभाग द्वारा नियमों का स्पष्ट निर्धारण किए जाने के बाद ही भर्ती का आधिकारिक विज्ञापन जारी होने की संभावना है।
राज्य के तकनीकी शिक्षा संस्थानों में बड़ी संख्या में प्रवक्ता पद रिक्त होने से शैक्षणिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है। नियमित शिक्षकों की नियुक्ति होने से शिक्षण व्यवस्था को मजबूती मिलने और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होने की उम्मीद है।
अब अभ्यर्थियों की नजर तकनीकी शिक्षा विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी है। सेवा नियमावली में आवश्यक संशोधन या स्पष्टीकरण जारी होने के बाद भर्ती प्रक्रिया को गति मिलने की संभावना जताई जा रही है।

