18 july 2026 ; Dehradun!
देहरादून। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 के घोषित परिणामों में देहरादून के छात्र आदि जैन ने उत्तराखंड में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर राज्य का नाम रोशन किया है। उन्होंने परीक्षा में 681 अंक हासिल किए और अखिल भारतीय स्तर पर 242वीं रैंक प्राप्त की। इस उपलब्धि के साथ आदि देश के प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीट हासिल करने की मजबूत स्थिति में पहुंच गए हैं।
इस वर्ष नीट-यूजी परीक्षा कई चुनौतियों के बीच आयोजित हुई। परीक्षा प्रक्रिया में आए व्यवधानों के कारण अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा का सामना करना पड़ा। ऐसे माहौल में अधिकांश छात्रों के सामने मानसिक दबाव और तैयारी को बनाए रखना बड़ी चुनौती थी। बावजूद इसके आदि ने पूरे धैर्य और आत्मविश्वास के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखी और शानदार प्रदर्शन कर राज्य में शीर्ष स्थान हासिल किया।
आदि ऐसे परिवार से आते हैं, जहां चिकित्सा सेवा का वातावरण बचपन से ही रहा है। उनके पिता डॉ. आलोक जैन जिला चिकित्सालय में ईएनटी सर्जन हैं, जबकि उनकी माता डॉ. श्वेता जैन दंत चिकित्सक हैं और अपना क्लीनिक संचालित करती हैं। परिवार के चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े होने के कारण आदि ने भी शुरुआती दिनों से डॉक्टर बनने का सपना देखा और उसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए लगातार मेहनत की।
उनकी शुरुआती शिक्षा देहरादून के सेंट जोसेफ स्कूल में हुई। शिक्षकों के अनुसार आदि हमेशा पढ़ाई के प्रति समर्पित रहे। कठिन विषयों को समझने की क्षमता, नियमित अध्ययन और निरंतर अभ्यास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने समय प्रबंधन और अनुशासित दिनचर्या को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया।
इस बार उत्तराखंड से नीट-यूजी के लिए 20,344 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इनमें से 18,001 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 10,127 अभ्यर्थी सफलता हासिल करने में कामयाब रहे। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार पंजीकरण, परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों और सफल अभ्यर्थियों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे प्रतिस्पर्धा और अधिक चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है।
आदि जैन की यह उपलब्धि प्रदेश के उन हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो भविष्य में चिकित्सा क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। कठिन परिस्थितियों के बीच संयम, निरंतर मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है, इसका उदाहरण आदि ने अपनी शानदार उपलब्धि से प्रस्तुत किया है।

