5 july 2026,
खटीमा। उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों के लोगों के लिए लंबे समय से जिस रेल सेवा का इंतजार था, वह अब पूरा होने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष प्रयासों के बाद टनकपुर से तख्त श्री हजूर साहिब नांदेड़ तक सीधी रेल सेवा शुरू होने जा रही है। इस नई सुविधा से न केवल श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा, बल्कि सीमांत क्षेत्र के यात्रियों के लिए देश के मध्य और दक्षिणी हिस्सों तक यात्रा करना भी पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगा।
इस रेल सेवा का शुभारंभ 6 जुलाई को टनकपुर रेलवे स्टेशन से केंद्रीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्यमंत्री रवनीत सिंह द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया जाएगा। ट्रेन सप्ताह में एक दिन संचालित होगी और नियमित संचालन 14 जुलाई से शुरू होगा।
वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी
सीमांत क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से मांग थी कि टनकपुर से लंबी दूरी की सीधी ट्रेन चलाई जाए। खासतौर पर सिख समाज की ओर से तख्त श्री हजूर साहिब नांदेड़ तक सीधी रेल सेवा की मांग लगातार उठाई जा रही थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार और रेलवे मंत्रालय के समक्ष प्रभावी पैरवी की, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आए हैं।
श्रद्धालुओं और यात्रियों दोनों को मिलेगा लाभ
यह ट्रेन धार्मिक यात्रा के साथ-साथ आम यात्रियों के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होगी। नांदेड़ से चलने वाली यह ट्रेन अकोला, इटारसी, भोपाल, ग्वालियर, झांसी, आगरा, मथुरा और बरेली जैसे प्रमुख स्टेशनों से होते हुए मंगलवार सुबह 5:55 बजे टनकपुर पहुंचेगी। वहीं टनकपुर से मंगलवार सुबह 9 बजे रवाना होकर बुधवार शाम 4:30 बजे नांदेड़ पहुंचेगी।
खटीमा को भी मिला ठहराव
इस रेल सेवा की एक और बड़ी खासियत यह है कि अब ट्रेन का खटीमा रेलवे स्टेशन पर भी ठहराव सुनिश्चित किया गया है। पहले प्रस्तावित समय-सारिणी में खटीमा स्टेशन शामिल नहीं था, लेकिन स्थानीय लोगों की मांग और जनप्रतिनिधियों के प्रयासों के बाद इसे जोड़ा गया। ट्रेन सुबह 9:26 बजे खटीमा पहुंचेगी और तीन मिनट के ठहराव के बाद 9:29 बजे आगे रवाना होगी। हालांकि रेलवे की आधिकारिक समय-सारिणी में यह अपडेट जल्द दर्ज किया जाएगा।
सीमांत विकास की दिशा में एक और कदम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सीमांत क्षेत्रों के विकास, बेहतर संपर्क और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। टनकपुर-हजूर साहिब नांदेड़ एक्सप्रेस का संचालन इसी सोच का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। यह रेल सेवा पर्यटन, व्यापार, धार्मिक आस्था और क्षेत्रीय विकास को नई गति देने के साथ-साथ सीमांत क्षेत्र के लोगों की वर्षों पुरानी मांग को भी पूरा करेगी।

