देहरादून ; 19.09.2026।
देहरादून। प्रदेश में सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक सीधे पहुंचाने और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘सेवा सेतु, सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। अभियान की तैयारियों को लेकर सचिवालय में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में अधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिला स्तर से लेकर ब्लॉक और तहसील स्तर तक की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
अभियान के तहत 25 सितंबर से 7 अक्टूबर 2026 तक प्रदेश के सभी जनपदों में विभिन्न स्थानों पर बहुउद्देशीय शिविर लगाए जाएंगे। प्रत्येक ब्लॉक और तहसील स्तर पर आयोजित होने वाले इन शिविरों में आम लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ ही पात्र लोगों को मौके पर ही योजनाओं से जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी।
एक ही स्थान पर कई विभागों की सेवाओं की सुविधा
बैठक में बताया गया कि शिविरों में विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल और प्रदर्शनी लगाई जाएंगी। यहां लोगों को संबंधित योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और मिलने वाले लाभ की जानकारी दी जाएगी। जिन लोगों को योजनाओं का लाभ मिल सकता है, उनका चयन कर आवश्यक आवेदन प्रक्रिया पूरी कराने का प्रयास किया जाएगा।
शिविरों में सरकारी योजनाओं से लाभान्वित लोगों की सफलता की कहानियां भी प्रस्तुत की जाएंगी, ताकि अन्य पात्र लोग भी उपलब्ध योजनाओं की जानकारी लेकर उनका लाभ उठा सकें। इसके अलावा जरूरतमंद लोगों को आवेदन पत्र भरने में सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी।
स्वास्थ्य जांच के साथ वन्यजीव संघर्ष पर भी जागरूकता
कार्यक्रम को केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित न रखते हुए जनहित से जुड़े अन्य विषयों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। शिविरों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की मौजूदगी में मेडिकल कैंप आयोजित किए जाएंगे, जहां लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श और जांच की सुविधा मिल सकेगी।
वहीं, ट्री प्रोटेक्शन एक्ट तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। संबंधित विभागों को आमजन को आवश्यक जानकारी देने और सुरक्षा उपायों से अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।
पिछले शिविरों से अलग स्थानों पर आयोजन
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि इस बार शिविरों के लिए ऐसे स्थानों का चयन किया जाए, जहां पहले आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम नहीं हुए हैं। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच बनाना और उन क्षेत्रों के पात्र नागरिकों को भी सरकारी योजनाओं से जोड़ना है, जो पहले इस तरह के शिविरों से वंचित रह गए।
उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से शिविरों की तिथि, स्थान, नोडल अधिकारी, संबंधित विभागों, योजनाओं और उपलब्धियों को शामिल करते हुए विस्तृत कार्ययोजना उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही कार्यक्रम की जानकारी ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए होर्डिंग, बैनर और अन्य प्रचार माध्यमों के प्रभावी इस्तेमाल के निर्देश दिए गए।
हर शिविर कम से कम तीन दिन चलेगा
राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष डॉ. विनय रोहिला ने बताया कि ‘सेवा सेतु’ अभियान के दौरान प्रत्येक तहसील और ब्लॉक स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रत्येक शिविर को कम से कम तीन दिनों तक संचालित किया जाएगा, ताकि लोगों को सरकारी सेवाओं और योजनाओं की जानकारी लेने तथा आवेदन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रमों की रिपोर्टिंग भी की जाएगी, जिससे शिविरों में हुए कार्यों और लाभान्वित लोगों का विवरण संकलित किया जा सके।
योजनाओं की जानकारी के साथ मौके पर लाभ दिलाने पर जोर
महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने बैठक में अभियान की प्रचार-प्रसार एवं विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिविरों में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे और पात्र नागरिकों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ने की कार्रवाई की जाएगी। आवेदन पत्र उपलब्ध कराने से लेकर उन्हें भरने में सहयोग और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाने तक की व्यवस्था शिविरों में सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में सचिव विनय शंकर पाण्डेय, सी. रविशंकर, राजेन्द्र कुमार, अपर सचिव रोहित मीणा, सीसीएफ वन राहुल, सीडीओ देहरादून अभिनव शाह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
‘सेवा सेतु, सरकार आपके द्वार’ अभियान के जरिए सरकार की कोशिश है कि योजनाओं की जानकारी और सेवाओं की पहुंच को जिला मुख्यालयों तक सीमित रखने के बजाय ब्लॉक और तहसील स्तर पर आम नागरिकों के करीब ले जाया जाए, ताकि पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए अनावश्यक रूप से दूर न जाना पड़े।

