देहरादून ; 17.09.2026।
देहरादून। देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के मेधावी और टॉपर विद्यार्थियों के लिए भारत भ्रमण के दौरान देहरादून में सीखने और अनुभव हासिल करने का एक और महत्वपूर्ण अवसर सामने आया। विधायक विनोद कंडारी के नेतृत्व में भारत भ्रमण पर निकले विद्यार्थियों ने सचिवालय पहुंचकर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन से मुलाकात की। इस दौरान मुख्य सचिव ने छात्र-छात्राओं के साथ सहज माहौल में बातचीत की और शिक्षा, करियर, तकनीक, अनुशासन तथा जीवन में सफलता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।
बातचीत के दौरान मुख्य सचिव ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी विद्यार्थी का अच्छे अंक हासिल करना केवल परीक्षा में सफलता तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसके पीछे लंबे समय तक की गई तैयारी, नियमित अध्ययन, आत्मअनुशासन और परिवार के सहयोग की भी अहम भूमिका रहती है। उन्होंने विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियों के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यह पड़ाव आगे की बड़ी चुनौतियों के लिए आधार तैयार करता है।
मेहनत के बिना मंजिल तक पहुंचना मुश्किल
मुख्य सचिव ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए किसी आसान या छोटे रास्ते पर निर्भर रहने के बजाय लगातार मेहनत करने की आदत विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के जीवन में अलग-अलग लक्ष्य हो सकते हैं, लेकिन उन्हें हासिल करने के लिए समर्पण और निरंतर प्रयास जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिलने के बाद भी सीखने की प्रक्रिया रुकनी नहीं चाहिए। स्कूल और परीक्षा की उपलब्धियों को भविष्य की तैयारी का आधार बनाते हुए विद्यार्थियों को अपनी रुचि के क्षेत्रों में लगातार ज्ञान बढ़ाना चाहिए। उन्होंने लक्ष्य निर्धारित करने, समय का बेहतर प्रबंधन करने और असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ने पर भी जोर दिया।
बदलती तकनीक के साथ खुद को तैयार करने की जरूरत
मुख्य सचिव ने मौजूदा दौर में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले समय में तकनीकी जानकारी और डिजिटल दक्षता की भूमिका और बढ़ेगी। विद्यार्थियों को नई तकनीकों को समझने के साथ-साथ अपने विषय से संबंधित आधुनिक जानकारी हासिल करने की दिशा में भी प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज किसी विद्यार्थी के सामने अवसर और प्रतिस्पर्धा दोनों का दायरा काफी बढ़ चुका है। अब प्रतिभा का आकलन केवल स्थानीय स्तर पर नहीं होता। देश के अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों के विद्यार्थी समान अवसरों के लिए प्रयास कर रहे हैं। ऐसे माहौल में विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को पहचानना होगा और उन्हें लगातार निखारने के लिए नए कौशल सीखने होंगे।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे केवल परीक्षा केंद्रित अध्ययन तक सीमित न रहें, बल्कि सामान्य ज्ञान, तकनीकी जानकारी, संचार कौशल और अपने पसंदीदा क्षेत्र से जुड़ी व्यावहारिक समझ भी विकसित करें।
मोबाइल को साधन बनाएं, आदत नहीं
संवाद के दौरान मोबाइल फोन के बढ़ते इस्तेमाल का विषय भी सामने आया। मुख्य सचिव ने विद्यार्थियों को मोबाइल और इंटरनेट के संतुलित उपयोग की सलाह दी। उन्होंने कहा कि तकनीक का सही इस्तेमाल ज्ञान हासिल करने, पढ़ाई को आसान बनाने और नई चीजें सीखने में काफी मददगार साबित हो सकता है।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मोबाइल का अत्यधिक और अनियंत्रित इस्तेमाल पढ़ाई के साथ-साथ एकाग्रता और समय प्रबंधन को प्रभावित कर सकता है। विद्यार्थियों को यह तय करना चाहिए कि तकनीक उनके विकास में सहायक बने। पढ़ाई और कौशल विकास के लिए उपलब्ध डिजिटल संसाधनों का लाभ उठाने के साथ-साथ अनावश्यक गतिविधियों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
नशे से दूर रहकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ें
मुख्य सचिव ने युवाओं के बीच बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को लेकर भी विद्यार्थियों को सचेत किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन भविष्य की नींव तैयार करने का समय होता है। इस अवधि में अच्छी संगत, सकारात्मक सोच और स्वस्थ दिनचर्या व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से पूरी तरह दूर रहने तथा अपने समय और ऊर्जा को शिक्षा, खेल, रचनात्मक गतिविधियों और कौशल विकास में लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जीवन में यदि कोई स्पष्ट लक्ष्य तय किया जाए तो उस दिशा में पूरी एकाग्रता के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
सचिवालय की कार्यप्रणाली से भी हुए परिचित
देवप्रयाग क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थियों के लिए सचिवालय का यह दौरा केवल मुलाकात तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था और शासन स्तर पर होने वाले कार्यों को समझने का अवसर भी मिला। मुख्य सचिव के साथ बातचीत ने विद्यार्थियों को प्रशासनिक सेवा और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं को करीब से समझने का अवसर दिया।
भारत भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को देश के विभिन्न हिस्सों को देखने, वहां की विविधता को समझने और नए अनुभव हासिल करने का अवसर मिल रहा है। ऐसे भ्रमण से विद्यार्थियों के ज्ञान का दायरा बढ़ने के साथ ही उनमें आत्मविश्वास और व्यापक दृष्टिकोण विकसित होने की संभावना रहती है।
इस अवसर पर विधायक विनोद कंडारी, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, ज्योति यादव, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट, अपर सचिव नमामि बंसल समेत शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

