देहरादून ; 15.09.2026।
देहरादून। चारधाम यात्रा-2026 को लेकर उत्तराखंड सरकार ने तैयारियों को और तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यात्रा से जुड़े जिलों के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने यात्रा मार्गों की स्थिति, यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा इंतजाम, मौसम और आपदा प्रबंधन समेत विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराने में किसी स्तर पर लापरवाही न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसके लिए यात्रा मार्गों पर मौसम के बदलते मिजाज, भूस्खलन की आशंका और अन्य संवेदनशील परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बलों और संबंधित विभागों की पर्याप्त तैनाती के साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए।
यातायात दबाव कम करने पर जोर
धामी ने यात्रा मार्गों पर बढ़ने वाले यातायात दबाव को नियंत्रित करने के लिए होल्डिंग एरिया में सभी जरूरी सुविधाएं व्यवस्थित रखने को कहा। उनका कहना था कि यातायात प्रबंधन इस तरह किया जाए कि श्रद्धालुओं को अनावश्यक इंतजार, जाम या असुविधा का सामना न करना पड़े। अधिकारियों को विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर मौके के अनुसार तत्काल निर्णय लेने के निर्देश भी दिए गए।
यमुनोत्री में भीड़ प्रबंधन के लिए नए इंतजाम
यमुनोत्री धाम में यात्रियों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए मुख्यमंत्री ने धाम से करीब 500 मीटर पहले दूसरा घोड़ा पड़ाव विकसित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही डंडी-कंडी सेवाओं को व्यवस्थित करने और खरसाली से वैकल्पिक मार्ग को लेकर जरूरी कार्रवाई करने को कहा गया।
पैदल मार्ग पर श्रद्धालुओं और घोड़े-खच्चरों की आवाजाही अलग-अलग और नियंत्रित तरीके से संचालित करने पर भी जोर दिया गया। सूर्यकुंड क्षेत्र में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए, ताकि अधिक संख्या में यात्रियों की मौजूदगी के बावजूद आवागमन सुचारु बना रहे।
घोड़े-खच्चरों के स्वास्थ्य और संचालन की होगी निगरानी
मुख्यमंत्री ने यात्रा में इस्तेमाल होने वाले घोड़े-खच्चरों के संचालन को लेकर निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। मानकों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
केदारनाथ पैदल मार्ग के चीरबासा और भैरव ग्लेशियर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया। इन स्थानों पर यात्रियों, घोड़े-खच्चरों और डंडी-कंडी सेवाओं की आवाजाही नियंत्रित रखने के साथ जरूरत पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
सड़क और पैदल मार्गों के सुधार में तेजी
यात्रा मार्गों की बेहतर स्थिति को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक कार्य जल्द पूरा करने को कहा। यमुनोत्री पैदल मार्ग के चौड़ीकरण की दिशा में जरूरी कदम उठाने के साथ गंगोत्री मार्ग पर चौड़ीकरण और गड्ढामुक्त अभियान को तेज करने के निर्देश दिए गए।
भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। स्यानाचट्टी क्षेत्र में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए। वहीं ज्योतिर्मठ-मारवाड़ी मार्ग पर यातायात को व्यवस्थित रखने तथा मार्ग बंद होने की स्थिति में उसे जल्द खोलने के लिए आवश्यक मशीनरी मौके के आसपास उपलब्ध रखने को कहा गया।
केदारनाथ और बदरीनाथ मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता
मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए चारों धामों में श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। ठंड की स्थिति में अलाव समेत जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए।
केदारनाथ और बदरीनाथ यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष प्राथमिकता देने को कहा गया। चिकित्सकों, पैरामेडिकल कर्मियों, ऑक्सीजन और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में यात्रियों को समय पर उपचार मिल सके।
नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में वैकल्पिक संचार व्यवस्था
यात्रा के दौरान मोबाइल नेटवर्क की समस्या वाले इलाकों को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों और दूरसंचार कंपनियों के साथ समन्वय कर ऐसे क्षेत्रों में आपातकालीन संचार व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। उनका जोर इस बात पर रहा कि आपदा या किसी अन्य आकस्मिक परिस्थिति में प्रशासन और राहत दलों के बीच संपर्क बाधित न हो।
यात्रा मार्गों पर पेयजल, शौचालय, बिजली, प्रकाश और शटल सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। शौचालयों की नियमित सफाई के साथ औचक निरीक्षण करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए, ताकि यात्रियों को स्वच्छ और बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
हेली सेवाओं में मनमानी वसूली पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने चारधाम हेली सेवाओं को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि यात्रियों को टिकट निर्धारित किराये पर ही उपलब्ध कराए जाएं। तय दर से अधिक रकम वसूलने या अनधिकृत तरीके से टिकट बेचने की शिकायत सामने आने पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने मौसम की स्थिति को देखते हुए हेली सेवाओं का संचालन करने और उड़ानों में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च महत्व देने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि मौसम खराब होने की स्थिति में सुरक्षा मानकों से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, गृह सचिव शैलेश बगौली समेत शासन, प्रशासन और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान अधिकारियों को चारधाम यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से मजबूत करने और जमीनी स्तर पर लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

