देहरादून ; 07.09.2026।
देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने संशोधित कार्यक्रम जारी किया है। अब प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 3 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। इससे पहले अंतिम सूची जारी करने की निर्धारित तारीख 15 सितंबर थी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सोमवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में SIR अभियान की प्रगति और आगामी कार्यक्रम की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं से संबंधित प्रक्रियाओं को निर्धारित समय में पूरा करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
24.30 लाख नोटिसों में से 99 प्रतिशत से अधिक की सुनवाई पूरी
सीईओ के मुताबिक प्रदेश में SIR के तहत करीब 24 लाख 30 हजार नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से 99 प्रतिशत से अधिक मामलों की सुनवाई पूरी की जा चुकी है। यह प्रक्रिया मतदाता सूची में दर्ज नामों और संबंधित दावों की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इसके अलावा मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने अथवा आवश्यक संशोधन से जुड़े फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के मामलों की सुनवाई का काम भी जारी है। इनमें अब तक करीब 40 प्रतिशत मामलों का निस्तारण किया जा चुका है।
28 सितंबर तक दावे और आपत्तियों पर होगी सुनवाई
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार SIR के दौरान मतदाता सूची से जुड़े दावों और आपत्तियों की सुनवाई 28 सितंबर 2026 तक जारी रहेगी। इस अवधि में प्राप्त मामलों की जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इसके बाद निर्वाचन विभाग अंतिम स्तर पर मतदाता सूची को तैयार करेगा और 3 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। नई समयसीमा मिलने से लंबित दावों एवं आपत्तियों की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए निर्वाचन अधिकारियों को अतिरिक्त समय मिल गया है।
निर्वाचन विभाग की ओर से SIR प्रक्रिया के प्रत्येक चरण को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। अंतिम सूची के प्रकाशन के बाद प्रदेश में मतदाता सूची की स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
अधिकारी रहे मौजूद
प्रेस वार्ता के दौरान अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी और सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने SIR से संबंधित प्रगति और आगे की प्रक्रिया को लेकर जानकारी साझा की।

