देहरादून ; 05.09.2026।
देहरादून। उत्तराखंड में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ धामी सरकार का सख्त रुख एक बार फिर जमीन पर दिखाई दिया। पछुवा देहरादून के खुशहालपुर इलाके में प्रशासन ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि पर कथित रूप से कब्जा कर बनाए गए आधा दर्जन से अधिक मकानों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासनिक अमले ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी की।
सरकार की अतिक्रमण के खिलाफ सख्ती के बीच हुई इस कार्रवाई को सरकारी संपत्तियों को कब्जामुक्त कराने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। प्रशासन के मुताबिक, कार्रवाई की जद में आए निर्माण सरकारी भूमि पर बिना वैध अधिकार के बनाए गए थे।
धामी सरकार के अभियान का स्थानीय स्तर पर असर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार लगातार सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाने और अवैध कब्जों पर कार्रवाई की नीति पर जोर देती रही है। इसी कड़ी में देहरादून के खुशहालपुर में प्रशासन ने कथित अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की।
जिलाधिकारी आशीष चौहान के निर्देश पर शुरू हुए इस अभियान की कमान एसडीएम विकासनगर विनोद कुमार ने संभाली। प्रशासनिक टीम के साथ पर्याप्त पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा, ताकि कार्रवाई के दौरान किसी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।
पहले दस्तावेजों की जांच, फिर जारी हुए नोटिस
प्रशासन के अनुसार, कार्रवाई अचानक नहीं की गई। संबंधित भूमि और निर्माण से जुड़े दस्तावेजों की पहले जांच की गई थी। इसके बाद जिन लोगों के कब्जे कथित तौर पर सरकारी भूमि पर पाए गए, उन्हें नियमानुसार नोटिस भी जारी किए गए।
प्रशासन का कहना है कि आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अवैध निर्माणों को हटाने का फैसला लिया गया। इसके बाद जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से मकानों को ध्वस्त किया गया।
कार्रवाई के दायरे में आपराधिक मामलों से जुड़े लोग
अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई की जद में आए कुछ लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। इनमें कुछ लोगों के नाम गौकशी तथा नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में सामने आने की बात कही गई है। कुछ को हिस्ट्रीशीटर भी बताया जा रहा है।
प्रशासन के मुताबिक, कथित अतिक्रमण करने वालों में ऐसे लोग भी शामिल हैं जो दूसरे राज्यों से आकर क्षेत्र में बसे और बाद में सरकारी भूमि पर निर्माण कर लिया। हालांकि, आपराधिक आरोपों की पुष्टि संबंधित मामलों के आधिकारिक रिकॉर्ड और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।
सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर सख्त संदेश
खुशहालपुर में हुई कार्रवाई से प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर अब सख्ती जारी रहेगी। धामी सरकार की अतिक्रमण विरोधी नीति के तहत ऐसे मामलों में जमीन के रिकॉर्ड, कब्जे की स्थिति और निर्माण की वैधता की जांच के बाद कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन का फोकस सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक संपत्तियों पर दोबारा अवैध निर्माण न हो। खुशहालपुर की कार्रवाई इसी व्यापक अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अब इलाके में अन्य सरकारी जमीनों पर हुए कथित कब्जों को लेकर भी जांच और कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है।

