देहरादून ; 05.09.2026।
देहरादून। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर देहरादून पुलिस लाइन का वातावरण भक्ति, आस्था और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर नजर आया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभागिता की। कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) की गरिमामयी मौजूदगी ने आयोजन की शोभा बढ़ाई।
पुलिस लाइन परिसर में आयोजित समारोह के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में प्रस्तुत किए गए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित लोगों को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जोड़ने का काम किया। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ-साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक विविधता की भी झलक पेश की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाले कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि संस्कृति और परंपराएं केवल हमारी पहचान का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों और विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जैसे पर्व समाज में आध्यात्मिक चेतना के साथ सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। ऐसे आयोजनों से बच्चों और युवाओं को भारतीय सभ्यता, सनातन परंपराओं तथा भगवान श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन को करीब से समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का व्यक्तित्व जीवन में आने वाली परिस्थितियों का धैर्य और विवेक के साथ सामना करने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीकृष्ण के संदेश को जीवन में उतारने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्य, धर्म, कर्तव्य, कर्म और लोककल्याण के प्रति श्रीकृष्ण की शिक्षाएं आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। श्रीमद्भगवद्गीता में दिया गया कर्मयोग का संदेश व्यक्ति को अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने और परिणाम की चिंता किए बिना कर्म करते रहने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज और प्रदेश की प्रगति केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। प्रत्येक नागरिक को अपने स्तर पर जिम्मेदारी निभाते हुए विकास की प्रक्रिया में योगदान देना चाहिए। उन्होंने लोगों से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को आत्मसात करने तथा सामाजिक समरसता, सेवा और जनकल्याण की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने भी प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस पावन पर्व को श्रद्धा, आध्यात्मिकता और सद्भावना का प्रतीक बताते हुए सभी के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
समारोह में गीता धामी, पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, विभिन्न जनप्रतिनिधि, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और अन्य प्रशासनिक कार्मिक मौजूद रहे।
जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित इस समारोह ने पुलिस लाइन परिसर में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक चेतना का ऐसा माहौल बनाया, जहां भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेशों को उत्सव के साथ-साथ सामाजिक प्रेरणा के रूप में भी प्रस्तुत किया गया।

