देहरादून ; 04.09.2026।
देहरादून। भाजपा उत्तराखंड के पूर्व प्रवक्ता एवं पूर्व दायित्वधारी वीरेंद्र सिंह बिष्ट के निधन से राजनीतिक और संगठनात्मक क्षेत्र में शोक का माहौल है। उनके निधन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इसे पार्टी संगठन के लिए गंभीर क्षति बताया। शुक्रवार को मुख्यमंत्री स्वयं मोहब्बेवाला स्थित वीरेंद्र सिंह बिष्ट के आवास पहुंचे और उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान शोकाकुल परिवार से मुलाकात की और उनके प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। उन्होंने परिजनों से बातचीत कर इस कठिन समय में उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी करीबी और समर्पित साथी का असमय साथ छोड़ जाना बेहद पीड़ादायक है। वीरेंद्र सिंह बिष्ट के निधन से उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी गहरा दुख हुआ है।
संगठन के प्रति समर्पण को किया याद
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरेंद्र सिंह बिष्ट लंबे समय तक भाजपा संगठन से जुड़े रहे और उन्होंने पार्टी की जिम्मेदारियों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाया। संगठन में विभिन्न भूमिकाओं में रहते हुए उन्होंने पार्टी की विचारधारा और नीतियों को जनता तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई। भाजपा उत्तराखंड के प्रवक्ता के रूप में भी उन्होंने संगठन का पक्ष मजबूती से रखने का काम किया।
सीएम धामी ने कहा कि बिष्ट का जाना केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि भाजपा संगठन और उनसे जुड़े कार्यकर्ताओं के लिए भी गहरी क्षति है। उनके योगदान और संगठन के प्रति निष्ठा को लंबे समय तक याद किया जाएगा। उनके निधन से पार्टी ने एक अनुभवी और समर्पित कार्यकर्ता को खो दिया है।
शोक संतप्त परिवार के प्रति जताई संवेदना
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुःख की इस घड़ी में सरकार और संगठन शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य बनाए रखने की शक्ति मिलने की कामना की। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि ईश्वर पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने का संबल प्रदान करें।
वीरेंद्र सिंह बिष्ट के निधन की सूचना से भाजपा कार्यकर्ताओं और उनके परिचितों में भी शोक की भावना है। संगठन से जुड़े लोगों के लिए उनका निधन एक ऐसी रिक्तता छोड़ गया है, जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी। उनके साथ काम कर चुके कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने भी उनके योगदान और व्यवहार को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री द्वारा उनके आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि देने और परिवार के साथ संवेदना व्यक्त करने को पार्टी संगठन के प्रति उनके योगदान के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। इस दौरान माहौल भावुक रहा और परिजनों के प्रति मुख्यमंत्री ने अपनी संवेदनशीलता प्रकट की।

