देहरादून ; 02.09.2026।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य महिलाओं को केवल सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें समाज और प्रदेश के विकास में समान भागीदारी के लिए अवसर, सम्मान, नेतृत्व और निर्णय लेने की क्षमता उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सशक्त महिला ही सशक्त परिवार, सशक्त समाज और मजबूत उत्तराखंड की आधारशिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है, जिनसे वे आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अपने परिवार और समुदाय के स्तर पर महत्वपूर्ण निर्णयों में सक्रिय भूमिका निभा सकें। सरकार की योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं की क्षमता और प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, स्वरोजगार, उद्यमिता, प्रशासन, राजनीति और सामाजिक क्षेत्र समेत विभिन्न क्षेत्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। जरूरत इस बात की है कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण, संसाधन और पर्याप्त अवसर मिलें।
सीएम धामी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण को केवल आर्थिक सहायता या कल्याणकारी योजनाओं के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। महिलाओं को अपने फैसले स्वयं लेने, नेतृत्व करने और विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनने का अधिकार और अवसर मिलना भी उतना ही जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाएं भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ें। स्वयं सहायता समूहों और स्वरोजगार से जुड़े प्रयासों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ उनकी सामाजिक भागीदारी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर मिलता है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव केवल एक परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था और समाज को मजबूती मिलती है। उन्होंने महिलाओं से उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
सरकार की सोच को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ महिलाओं को योजनाओं का लाभार्थी बनाने से आगे बढ़कर उन्हें अवसरों की साझेदार, विकास की भागीदार और निर्णय प्रक्रिया की नेतृत्वकर्ता बनाना है।

