देहरादून ; 1 सितंबर 2026।
देहरादून। उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर बच्चों की पढ़ाई पर असर डालने जा रहा है। पहाड़ी इलाकों में खराब मौसम की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने चार जिलों में बुधवार यानी 2 सितंबर 2026 को स्कूलों में छुट्टी रखने का निर्णय लिया है। यह फैसला विद्यार्थियों को खराब मौसम के दौरान होने वाली संभावित परेशानियों और जोखिम से बचाने के लिए लिया गया है।
छुट्टी का यह आदेश बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों के लिए जारी किया गया है। इन जिलों में कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल बंद रहेंगे। आंगनबाड़ी केंद्रों को भी इस दौरान संचालित नहीं किया जाएगा।
पहाड़ों में मौसम बना चिंता की वजह
दरअसल, मौसम विभाग ने 2 सितंबर के लिए उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। बारिश के साथ कई इलाकों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली का खतरा भी बताया गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान सड़कें प्रभावित होने और अचानक नदी-नालों का बहाव बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पहले से एहतियाती कदम उठाया है।
स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को ऐसे मौसम में किसी तरह की परेशानी न हो, इसी को ध्यान में रखते हुए संबंधित जिलों में शैक्षणिक संस्थानों को एक दिन बंद रखने का फैसला किया गया है।
किस जिले में क्या रहेगा बंद?
बागेश्वर: यहां सरकारी और निजी समेत कक्षा 1 से 12 तक के विद्यालय बंद रहेंगे। आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी छुट्टी रहेगी।
नैनीताल: जिले के अधिकांश सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश रहेगा। हालांकि, नैनीताल शहर में विद्यार्थियों के रहने की सुविधा वाले आवासीय शिक्षण संस्थानों को इस आदेश से अलग रखा गया है।
चंपावत: राजकीय विद्यालयों के साथ सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में भी 2 सितंबर को कक्षाएं नहीं होंगी। आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे।
पिथौरागढ़: कक्षा 1 से 12 तक संचालित संबंधित सरकारी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में छुट्टी रहेगी। आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भी यही व्यवस्था लागू रहेगी।
बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता
प्रशासन की ओर से यह फैसला केवल मौसम की स्थिति को देखते हुए नहीं, बल्कि बारिश के बाद पैदा होने वाली परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया गया है। पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध होने, नालों में अचानक पानी बढ़ने और तेज बहाव जैसी स्थिति बन सकती है।
ऐसे में विद्यार्थियों को स्कूल बुलाने के बजाय उन्हें घर पर सुरक्षित रखना प्रशासन के लिए प्राथमिकता है।
स्कूल प्रबंधन को करना होगा आदेश का पालन
जिला स्तर पर शिक्षा विभाग और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को आदेश का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी दी गई है। संबंधित स्कूलों को भी निर्धारित तारीख पर कक्षाएं संचालित न करने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम की स्थिति आगे भी बदल सकती है। इसलिए अभिभावकों और विद्यार्थियों के लिए जरूरी है कि वे अपने जिले के प्रशासन तथा शिक्षा विभाग की ओर से जारी होने वाली ताजा सूचनाओं पर नजर बनाए रखें।
नोट: यह अवकाश फिलहाल 2 सितंबर 2026 के लिए इन चार जिलों—बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़—में लागू है। अन्य जिलों के लिए अलग आदेश जारी होने पर स्थिति बदल सकती है।

