देहरादून ; 31.08.2026।
देहरादून। राजधानी देहरादून में जोगीवाला चौक और रिस्पना पुल चौक पर रोजाना बनने वाली जाम की स्थिति से निजात दिलाने के लिए राज्य सरकार ने एक अहम योजना पर कदम बढ़ाया है। इन दोनों प्रमुख यातायात बिंदुओं पर वाहनों का दबाव कम करने के उद्देश्य से एक नए एलिवेटेड रोड कॉरिडोर का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस प्रस्तावित मार्ग की एलाइनमेंट भी लगभग तय मानी जा रही है।
योजना के मुताबिक नया एलिवेटेड मार्ग मोहकमपुर फ्लाईओवर स्थित आईआईपी से शुरू होगा। यहां से यह सड़क रेलवे ट्रैक के ठीक ऊपर से आगे बढ़ेगी और डिफेंस कॉलोनी फाटक के ऊपर से गुजरते हुए बाईपास के समीप स्थित सोलिटेयर होटल के पास जाकर मुख्य मार्ग से जुड़ेगी। इस पूरे कॉरिडोर को इस तरह विकसित करने की तैयारी है कि राष्ट्रीय राजमार्ग का इस्तेमाल करने वाले वाहन जोगीवाला या रिस्पना चौक की ओर मुड़े बिना सीधे एलिवेटेड रोड के जरिए आगे निकल सकें।
जोगीवाला और रिस्पना में घटेगा वाहनों का दबाव
वर्तमान में हरिद्वार की दिशा से आने और शहर के विभिन्न हिस्सों की ओर जाने वाले वाहनों का एक बड़ा हिस्सा जोगीवाला चौक और रिस्पना क्षेत्र से होकर गुजरता है। यातायात की मात्रा बढ़ने के साथ इन दोनों स्थानों पर पीक टाइम में वाहनों की लंबी कतार लगना आम बात है।
नया एलिवेटेड रूट तैयार होने के बाद ऐसे वाहनों को मुख्य चौक तक आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एनएच से आने वाले वाहन सीधे इस वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल कर बाईपास की दिशा में निकल सकेंगे। इससे जोगीवाला और रिस्पना पुल चौक पर वाहनों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।
रेलवे की जमीन का होगा सबसे बड़ा इस्तेमाल
इस प्रस्तावित परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक इसका भूमि उपयोग बताया जा रहा है। एलिवेटेड रोड की एलाइनमेंट में करीब 95 प्रतिशत जमीन रेलवे की इस्तेमाल होने की बात सामने आ रही है।
इसका सीधा फायदा यह होगा कि सड़क निर्माण के लिए निजी जमीन की आवश्यकता काफी सीमित रहेगी। यानी बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की भूमि का अधिग्रहण करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे परियोजना के कारण आम लोगों की संपत्ति प्रभावित होने की आशंका भी कम होगी और भूमि अधिग्रहण से जुड़ी प्रक्रिया को अपेक्षाकृत सरल बनाया जा सकेगा।
रेलवे ट्रैक और फाटक के ऊपर से होगा सफर
प्रस्तावित एलिवेटेड रोड की संरचना का बड़ा हिस्सा रेलवे ट्रैक के ऊपर विकसित किया जाएगा। इसके बाद डिफेंस कॉलोनी रेलवे फाटक को भी एलिवेटेड स्ट्रक्चर के जरिए पार कराया जाएगा। इस तरह वाहनों को रेलवे क्रॉसिंग पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी और यातायात लगातार चलता रह सकेगा।
यह व्यवस्था विशेष रूप से उस समय कारगर साबित हो सकती है, जब रेलवे फाटक बंद होने के कारण आसपास की सड़कों पर वाहनों की कतार बढ़ जाती है। एलिवेटेड कॉरिडोर से वाहनों को ऊपर से निर्बाध रास्ता मिलने पर इस हिस्से के ट्रैफिक फ्लो में भी सुधार की उम्मीद है।
मोहकमपुर से बाईपास तक बनेगा सीधा विकल्प
प्रस्तावित मार्ग मोहकमपुर फ्लाईओवर के आईआईपी क्षेत्र से शुरू होकर बाईपास के नजदीक सोलिटेयर होटल तक पहुंचने का सीधा विकल्प उपलब्ध कराएगा। इससे एनएच पर चलने वाले उन वाहनों को नया रूट मिल सकेगा जिन्हें जोगीवाला और रिस्पना चौक से होकर आगे जाने की आवश्यकता नहीं है।
अधिकारियों की योजना के अनुसार यह वैकल्पिक कनेक्टिविटी शहर के व्यस्त हिस्सों में ट्रैफिक डायवर्जन का काम करेगी। एक ओर एलिवेटेड मार्ग पर वाहनों को अपेक्षाकृत निर्बाध आवाजाही मिल सकेगी, वहीं दूसरी ओर नीचे की सड़कों पर स्थानीय यातायात के लिए जगह बढ़ सकती है।
देहरादून के ट्रैफिक सिस्टम में अहम बदलाव की उम्मीद
जोगीवाला और रिस्पना क्षेत्र लंबे समय से यातायात दबाव वाले इलाकों में शामिल रहे हैं। यहां वाहनों की बढ़ती संख्या के बीच मौजूदा सड़क नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। ऐसे में एलिवेटेड रोड की योजना को भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
परियोजना की एलाइनमेंट लगभग तय होने के बाद अब आगे की तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर काम बढ़ने की उम्मीद है। निर्माण शुरू होने से पहले परियोजना से जुड़ी विस्तृत तकनीकी जांच, डिजाइन, लागत और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।
अगर प्रस्तावित योजना अपने निर्धारित स्वरूप में धरातल पर उतरती है, तो मोहकमपुर से बाईपास तक यह नया एलिवेटेड कॉरिडोर जोगीवाला और रिस्पना पुल चौक के ट्रैफिक दबाव को काफी हद तक कम करने वाला वैकल्पिक मार्ग बन सकता है। खास बात यह होगी कि रेलवे की जमीन के बड़े हिस्से के इस्तेमाल से आम लोगों की जमीन के अधिग्रहण की जरूरत भी काफी कम रह सकती है।

