देहरादून ; 31.08.2026।
देहरादून। उत्तराखंड में 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए सरकार ने रक्षाबंधन के अवसर पर एक अहम सुविधा का ऐलान किया है। अब ऐसी महिलाओं को राज्य परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ मिलेगा। सरकार के इस फैसले के दायरे में प्रदेश की करीब 6.50 लाख से ज्यादा महिलाएं आने की उम्मीद है।
इस फैसले का सीधा फायदा उन बुजुर्ग महिलाओं को मिल सकता है जिन्हें अलग-अलग कामों से नियमित रूप से बसों के जरिए यात्रा करनी पड़ती है। खासतौर पर पहाड़ी जिलों के गांवों और दूरदराज के इलाकों में रहने वाली महिलाओं के लिए बस से आने-जाने का खर्च कई बार अतिरिक्त बोझ बन जाता है। निश्शुल्क यात्रा की सुविधा मिलने से यह आर्थिक दबाव कम होगा।
गांव और पहाड़ की महिलाओं को मिल सकती है ज्यादा राहत
उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में कई गांव जिला मुख्यालय, बाजार और स्वास्थ्य सुविधाओं वाले कस्बों से काफी दूरी पर हैं। ऐसे में उम्रदराज महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन महत्वपूर्ण साधन है। सरकार की नई घोषणा को इसी जरूरत से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे बुजुर्ग महिलाएं बिना किराये की चिंता के जरूरी यात्राएं कर सकेंगी।
महिला योजनाओं का दायरा बढ़ाने पर जोर
राज्य सरकार की महिला केंद्रित योजनाओं में आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ रोजगार और सामाजिक सुविधाओं पर भी जोर दिया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आमदनी बढ़ाने के लिए चल रही लखपति दीदी पहल के तहत तीन लाख से अधिक महिलाओं की वार्षिक आय एक लाख रुपये से ज्यादा होने की बात सरकार ने कही है।
इसके साथ ही महिला स्वरोजगार योजना में मिलने वाले रियायती बैंक ऋण की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव भी सामने आया है। मौजूदा दो लाख रुपये की सीमा को बढ़ाकर ढाई लाख रुपये किए जाने की घोषणा की गई है।
शहरों में सुरक्षित सफर की भी तैयारी
महिलाओं के लिए परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में देहरादून में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत 10 पिंक ई-बसें शुरू करने की योजना बताई गई है। इसका उद्देश्य महिलाओं को शहर में अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।
इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक हाईटेक टॉयलेट विकसित करने की योजना भी रखी गई है।
रक्षाबंधन पर की गई मुफ्त बस यात्रा की घोषणा को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब राज्य के दूरस्थ इलाकों में रहने वाली बुजुर्ग महिलाओं के लिए सुरक्षित और सस्ता आवागमन एक बड़ी जरूरत है। योजना लागू होने के बाद इसका वास्तविक लाभ कितनी महिलाओं तक पहुंचता है, यह इसके क्रियान्वयन और पात्रता संबंधी नियमों पर निर्भर करेगा।

