देहरादून ; 30.08.2026,
हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद सामने आए कथित ‘शुद्धिकरण’ विवाद ने उत्तराखंड की सियासत में एक बार फिर गर्माहट बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को भाजपा की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे पर निशाना साधा। धामी ने कहा कि प्रदेश की धार्मिक आस्था, सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े मामलों को राजनीतिक रंग देने के बजाय सभी पक्षों को शांति और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कार्यक्रम स्थल को लेकर सामने आए विवाद और वहां कथित तौर पर लगाए गए धार्मिक नारों तथा गंदगी के आरोपों पर कांग्रेस नेताओं की ओर से अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं आई। उनके अनुसार, इसके बजाय पूरे मामले को जातिगत भेदभाव के नजरिए से पेश किया जा रहा है। धामी ने यह भी कहा कि उत्तराखंड में किसी भी राजनीतिक नेता का सम्मान उसकी जाति के आधार पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप किया जाता है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच शांति का संदेश
धामी ने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन राज्य की शांति और सामाजिक सद्भाव प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तराखंड की जनता ऐसे मुद्दों को स्वीकार नहीं करेगी, जिनसे समाज में विभाजन की स्थिति पैदा हो।
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं के साथ राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन प्रदेश में आने वाले वरिष्ठ नेताओं के प्रति सम्मान की परंपरा बनी रहनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी विवाद को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़ाने के बजाय तथ्यों और कानून के आधार पर देखा जाना चाहिए।
रोजगार और नकल विरोधी कार्रवाई का भी किया उल्लेख
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राज्य में रोजगार के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने दावा किया कि सरकार के कार्यकाल में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी गई हैं। धामी ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और नकल पर रोक लगाने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं।
उन्होंने नकल माफिया के खिलाफ हुई कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन लोगों पर भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता और नकल से जुड़े आरोप रहे हैं, उनमें से कई के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है और अनेक आरोपी जेल पहुंच चुके हैं। मुख्यमंत्री ने इसे युवाओं के भविष्य की सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि भर्ती व्यवस्था में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वंदे मातरम को लेकर भी विपक्ष पर निशाना
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर चल रही राजनीतिक बहस पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देशभक्ति से जुड़े प्रतीकों का सम्मान राजनीतिक मतभेदों से ऊपर होना चाहिए। धामी ने कहा कि उत्तराखंड को देवभूमि के रूप में जाना जाता है और यहां भारत माता के प्रति श्रद्धा व्यक्त करना लोगों की भावनाओं से जुड़ा विषय है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत को लेकर किसी प्रकार का विवाद खड़ा करने के बजाय देश की एकता और सम्मान की भावना को मजबूत किया जाना चाहिए।
मदरसों की मान्यता पर सरकार का रुख स्पष्ट
मुख्यमंत्री ने मदरसों की व्यवस्था को लेकर भी सरकार की नीति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि जो संस्थान निर्धारित मानकों, मान्यता और पाठ्यक्रम के अनुरूप संचालित नहीं होंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सरकार का जोर शिक्षा व्यवस्था में निर्धारित मानकों और पारदर्शिता को लागू करने पर है।
रुद्रपुर में सामने आए कथित आपत्तिजनक बयान का उल्लेख करते हुए धामी ने कहा कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी प्रकार की अराजकता को स्वीकार नहीं करेगी। रुद्रपुर से जुड़े विवाद में पुलिस कार्रवाई और बयानबाजी को लेकर भी हाल के दिनों में राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद हल्द्वानी विवाद को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस और तेज होने के संकेत हैं। हालांकि, पूरे मामले में अलग-अलग राजनीतिक पक्षों की अपनी-अपनी व्याख्या सामने आई है। ऐसे में विवाद से जुड़े आरोपों और दावों की पुष्टि संबंधित जांच एवं आधिकारिक कार्रवाई के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।

