देहरादून ; 27.08.2026,
देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के बीच श्रद्धालुओं के लिए हेली सेवा का दूसरा चरण 15 सितंबर से शुरू होने जा रहा है। मानसून के कारण कुछ समय तक स्थगित रही हवाई सेवा को दोबारा संचालित करने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। केदारनाथ धाम जाने वाले तीर्थयात्रियों को इस सेवा के बहाल होने से सड़क मार्ग की तुलना में कम समय में धाम तक पहुंचने का विकल्प मिलेगा।
हेली सेवा के लिए टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग दो या तीन सितंबर से शुरू किए जाने की तैयारी है। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाड़ा) की ओर से बुकिंग को एक साथ लंबे समय के लिए खोलने के बजाय करीब 15 दिनों की अवधि के लिए उपलब्ध कराने की योजना है। इससे यात्रियों की मांग और संचालन की स्थिति के अनुसार आगे की बुकिंग तय की जा सकेगी।
हेली सेवा दोबारा शुरू होने से पहले सुरक्षा व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी जा रही है। महानिदेशालय नागरिक उड्डयन (डीजीसीए) की टीम जल्द उत्तराखंड पहुंचकर संबंधित हेलीपैड का निरीक्षण करेगी। टीम हेलीपैड की सुरक्षा, संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं और आवश्यक मानकों का जायजा लेगी। निरीक्षण के बाद ही सेवाओं के सुचारू संचालन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।
इस साल केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही 22 अप्रैल से हेली सेवा का पहला चरण शुरू हुआ था। उस दौरान आठ हेली कंपनियों ने गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी क्षेत्र के कुल आठ हेलीपैड से श्रद्धालुओं को हवाई सुविधा उपलब्ध कराई। बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों ने इस सेवा का लाभ उठाया, लेकिन मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए 25 जून के बाद हेली संचालन रोक दिया गया था।
अब मौसम में सुधार और यात्रा गतिविधियों को देखते हुए हेली सेवा का दूसरा चरण शुरू करने की तैयारी है। सितंबर से हेली सेवा बहाल होने पर केदारनाथ जाने वाले यात्रियों को खास राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि उड़ानों का संचालन मौसम, सुरक्षा मानकों और संबंधित प्राधिकरणों की अनुमति के अनुरूप ही किया जाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए सलाह दी गई है कि टिकट बुकिंग शुरू होने की तारीख और उपलब्ध सीटों से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर नजर रखें। बुकिंग खुलने के बाद मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए यात्रियों को अपनी यात्रा की तारीख तय कर समय रहते टिकट लेने की जरूरत पड़ सकती है।
हेली सेवा के दूसरे चरण की शुरुआत से चारधाम यात्रा के अंतिम दौर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है।

