देहरादून ; 25 अगस्त 2026।
देहरादून। उत्तराखंड के भविष्य को लेकर प्रदेश के स्कूली विद्यार्थियों की सोच अब सरकार तक सीधे पहुंच रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर शुरू किए गए ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान में कक्षा 11वीं और 12वीं के 2,67,744 विद्यार्थियों ने भाग लेते हुए अपने विचार, सुझाव और भविष्य का विजन साझा किया है। विद्यार्थियों ने निबंधों के माध्यम से बताया है कि वे आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को किस दिशा में आगे बढ़ते देखना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने 10 अगस्त को आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों से 24 अगस्त तक अपने विचार पोर्टल पर अपलोड करने का आह्वान किया था। निर्धारित समय सीमा तक बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी ने अभियान को व्यापक स्वरूप दिया है।
पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों में कक्षा 11वीं और 12वीं में कुल 2,96,426 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें से 2.67 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने अभियान में हिस्सा लिया। उनके निबंधों में उत्तराखंड के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सुझाव सामने आए हैं।
विकास के आठ प्रमुख क्षेत्रों पर विद्यार्थियों ने रखी अपनी बात
विद्यार्थियों ने अपने विचारों को मुख्य रूप से पर्यटन, रोजगार, सामाजिक विकास, वन एवं पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीक समेत आठ प्रमुख विषयों से जोड़कर प्रस्तुत किया है। कई सुझाव स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से संबंधित हैं।
इन निबंधों को महज प्रतियोगिता के लिए लिखे गए लेख के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। इनके माध्यम से प्रदेश की युवा पीढ़ी की प्राथमिकताओं, अपेक्षाओं और अपने राज्य के भविष्य को लेकर उसकी सोच सामने आई है।
कई जिलों में शत-प्रतिशत भागीदारी
अभियान में रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और चमोली जिले के कक्षा 11वीं और 12वीं के सभी विद्यार्थियों ने अपने निबंध पोर्टल पर अपलोड किए। इसके अलावा पौड़ी में 98.82 प्रतिशत, अल्मोड़ा में 97.46 प्रतिशत, हरिद्वार में 91.77 प्रतिशत, टिहरी में 91.57 प्रतिशत और बागेश्वर में 89.26 प्रतिशत विद्यार्थियों ने भागीदारी की।
नैनीताल में 85.89 प्रतिशत और उत्तरकाशी में 84.93 प्रतिशत विद्यार्थियों ने अपने विचार साझा किए। वहीं देहरादून जिले में 63,666 विद्यार्थियों में से 47,358 विद्यार्थियों ने अभियान के तहत निबंध प्रस्तुत किए।
140 श्रेष्ठ विचारों का होगा चयन
अब प्राप्त निबंधों की समीक्षा और मूल्यांकन का चरण शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ विशेषज्ञों की टीम विद्यार्थियों द्वारा दिए गए विचारों का अवलोकन कर रही है। अभियान के तहत 140 श्रेष्ठ विचारों का चयन किया जाना है। चयनित विद्यार्थियों को शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और सचिवों के साथ अपने सुझावों पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री भी इन विद्यार्थियों से संवाद कर उनके विचारों और अनुभवों को सुनेंगे।
श्रेष्ठ विचार प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को करियर तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग के साथ अन्य प्रोत्साहन और पुरस्कार दिए जाने की भी व्यवस्था की गई है। चयनित परिणाम 16 सितंबर को घोषित किए जाएंगे।
हर सहभागी को मिला डिजिटल प्रमाण पत्र
अभियान में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को पोर्टल के माध्यम से डिजिटल प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराया गया है। साथ ही प्रत्येक ब्लॉक, विद्यालय और विद्यार्थी से जुड़ी जानकारी का डेटा संकलित किया गया है, ताकि पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी रखा जा सके।
अभियान के संयोजक डॉ. राहुल अग्रवाल के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य युवा विद्यार्थियों को केवल लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि राज्य के विकास पर विचार रखने वाले सक्रिय सहभागी के रूप में जोड़ना है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विद्यार्थियों के विचार वर्तमान उत्तराखंड को भी नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं से मिले उपयोगी और व्यावहारिक सुझावों को प्रदेश के विकास में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य ऐसे उत्तराखंड के निर्माण में युवाओं को भागीदार बनाना है, जैसा प्रदेश वे स्वयं अपने सपनों में देखते हैं।

