देहरादून ; 20.08.2026।
उत्तराखंड की सियासत में भाजपा ने बुधवार को एक और अहम राजनीतिक बढ़त हासिल की। श्रीनगर नगर निगम की निर्दलीय महापौर आरती भंडारी ने अपने पति और वरिष्ठ भाजपा नेता लखपत भंडारी के साथ दोबारा भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। उनके साथ नगर निगम के 10 पार्षदों ने भी भाजपा का दामन थामा। इनमें दो कांग्रेस पार्षद भी शामिल हैं।
भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट और कैबिनेट मंत्री डा. धन सिंह रावत ने सभी नए सदस्यों का पार्टी में स्वागत किया। इस दौरान उन्हें भाजपा का पटका पहनाने के साथ पुष्पगुच्छ भेंट किए गए।
महापौर आरती भंडारी की वापसी को भाजपा के लिए श्रीनगर की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि आरती भंडारी और लखपत भंडारी भले ही नगर निगम चुनाव के दौरान भाजपा से अलग होकर चुनावी मैदान में उतरे थे, लेकिन उनकी वैचारिक नजदीकी पार्टी से बनी रही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भरोसा जताते हुए दोनों का भाजपा में लौटना पार्टी के लिए सकारात्मक संकेत है।
महेंद्र भट्ट ने कहा कि महापौर के साथ 10 पार्षदों के भाजपा में आने से श्रीनगर नगर निगम में पार्टी की स्थिति और मजबूत हुई है। उन्होंने दावा किया कि इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश के सभी 11 नगर निगमों में भाजपा के महापौर हो गए हैं। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इसका असर आने वाले समय में स्थानीय राजनीति के साथ-साथ संगठन की चुनावी तैयारियों पर भी दिखाई देगा।
कैबिनेट मंत्री डा. धन सिंह रावत ने श्रीनगर में भाजपा की स्थिति मजबूत होने को विकास की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि नगर निगम में भाजपा के महापौर और प्रदेश में भाजपा की सरकार होने से विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में बेहतर तालमेल स्थापित किया जा सकेगा। उन्होंने इसे ‘ट्रिपल इंजन’ व्यवस्था बताते हुए कहा कि इससे शहर में विकास कार्यों को गति देने का प्रयास किया जाएगा।
डा. रावत के मुताबिक श्रीनगर में जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें अन्य लोगों को भी भाजपा की सदस्यता दिलाने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने विधानसभा क्षेत्र में चुनाव से पहले करीब एक हजार नए लोगों को संगठन से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
श्रीनगर के विकास से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शहर में 24 घंटे पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में करीब 72 करोड़ रुपये की योजना शुरू की जा चुकी है। भाजपा नेताओं ने कहा कि नगर निगम और सरकार के बीच बेहतर समन्वय के जरिए शहर की मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर रहेगा।
भाजपा में वापसी के बाद महापौर आरती भंडारी ने प्रदेश नेतृत्व के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि भाजपा और उनकी विचारधारा के बीच पहले भी समानता रही है और आज भी वह उसी सोच से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम चुनाव में परिस्थितियों के चलते उन्हें निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ना पड़ा, लेकिन वैचारिक रूप से वह भाजपा से दूर नहीं हुई थीं।
आरती भंडारी ने भाजपा की विचारधारा, सनातन परंपरा और भारतीय संस्कृति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पार्टी में दोबारा शामिल होना उनके लिए सम्मान और खुशी का विषय है।
भाजपा में शामिल होने वाले पार्षदों में अंजनी भंडारी, मीणा देवी, भावना चौहान, प्रवेश चमोली, विजय कुमार चमोली, आशीष नेगी, धर्म सिंह रावत और नरेंद्र सिंह रावत समेत अन्य सदस्य शामिल हैं। इनके अलावा कांग्रेस के पार्षद राजकुमार और अनुराग चौहान ने भी भाजपा की सदस्यता ली।
कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार और तरुण बंसल, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, पौड़ी जिला प्रभारी नलिन भट्ट तथा जिला अध्यक्ष कमल किशोर रावत सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
श्रीनगर में महापौर और पार्षदों के इस राजनीतिक कदम से नगर निगम की सियासत में भाजपा का प्रभाव पहले के मुकाबले और बढ़ गया है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि आने वाले दिनों में पार्टी का विस्तार अभियान श्रीनगर और पौड़ी क्षेत्र की स्थानीय राजनीति को किस तरह प्रभावित करता है।

