1 august 2026 ; Dehradun।
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (उपनल) को बंद किए जाने संबंधी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर प्रसारित खबरों का स्पष्ट रूप से खंडन किया है। शासन ने कहा है कि उपनल को बंद करने का न तो कोई प्रस्ताव विचाराधीन है और न ही इस संबंध में किसी स्तर पर कोई निर्देश जारी किए गए हैं। ऐसे दावों को पूरी तरह भ्रामक, तथ्यहीन और अफवाह फैलाने वाला बताया गया है।
सचिव सैनिक कल्याण युगल किशोर पंत ने कहा कि उपनल राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण उपक्रम है, जो पूर्व सैनिकों सहित अन्य पात्र अभ्यर्थियों को विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों में सेवायोजन उपलब्ध कराने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि निगम की उपयोगिता आज भी पहले की तरह बनी हुई है और इसे समाप्त करने जैसी कोई योजना सरकार के एजेंडे में नहीं है।
उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में कुछ मंचों पर यह दावा किया जा रहा था कि उपनल के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों के समायोजन के बाद निगम की आवश्यकता समाप्त हो गई है। शासन ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि इस प्रकार की खबरों का वास्तविक स्थिति से कोई संबंध नहीं है।
शासन के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उपनल की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने के पक्षधर हैं। सरकार का उद्देश्य निगम के माध्यम से रोजगार के अवसरों को मजबूत करना और इसकी कार्यप्रणाली का विस्तार करना है, न कि इसे बंद करना।
सरकार ने आमजन और उपनल से जुड़े कर्मचारियों से अपील की है कि वे अपुष्ट और भ्रामक खबरों पर भरोसा न करें तथा केवल शासन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी को ही सही मानें।

