30 july 2026 ; Dehradun!
देहरादून। शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं लेने वाले हजारों लोगों के लिए राहत की खबर है। प्रदेश के 114 आरोग्य मंदिरों का संचालन अब बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा। एक अगस्त से इन स्वास्थ्य केंद्रों की जिम्मेदारी संबंधित नगर निकायों को सौंप दी जाएगी। इस फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इलाज, जांच और दवा जैसी बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं पहले की तरह आम लोगों तक पहुंचती रहें।
दरअसल, इन केंद्रों का संचालन अब तक एक बाहरी एजेंसी के माध्यम से किया जा रहा था। अनुबंध की अवधि पूरी होने के बाद इनके संचालन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। ऐसे में सरकार ने अंतरिम व्यवस्था लागू करते हुए नगर निकायों को जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया है। इससे किसी भी आरोग्य मंदिर की सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी और मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
आरोग्य मंदिरों के माध्यम से शहरी गरीब, मजदूर वर्ग, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चों को प्राथमिक उपचार, नियमित स्वास्थ्य जांच, आवश्यक दवाइयां, टीकाकरण और स्वास्थ्य परामर्श जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। यही वजह है कि इन केंद्रों का लगातार संचालित रहना हजारों परिवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी, जब तक संचालन के लिए नई एजेंसी का चयन नहीं हो जाता। इस दौरान नगर निकाय स्थानीय स्तर पर सभी आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करेंगे, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी न आए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार मिलता रहेगा और स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता भी बनी रहेगी।

