2 july 2026,
भारतीय सेना के 31वें थलसेना प्रमुख के रूप में पदभार संभालने के बाद जनरल धीरज सेठ का पहला ‘गार्ड ऑफ ऑनर्स’ समारोह केवल एक सैन्य औपचारिकता नहीं रहा, बल्कि सम्मान, संस्कार और राष्ट्रसेवा का ऐसा भावुक संगम बन गया जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। समारोह के दौरान एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद सैन्य अधिकारियों, जवानों और अतिथियों को भावुक कर दिया।
रक्षा मंत्रालय मुख्यालय में ‘गार्ड ऑफ ऑनर्स’ प्राप्त करने के बाद जनरल धीरज सेठ सीधे अपने पिता, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल के.एम. सेठ के पास पहुंचे और उन्हें सैन्य परंपरा के अनुसार सैल्यूट किया। बेटे की इस सम्मानपूर्ण सलामी का जवाब पिता ने भी पूरे गर्व के साथ सैल्यूट कर दिया। इसके तुरंत बाद जनरल सेठ ने पिता सहित परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। वर्दी का अनुशासन और भारतीय संस्कारों का यह अद्भुत मेल समारोह का सबसे यादगार पल बन गया।
इस गौरवपूर्ण अवसर पर उनके छोटे भाई रियर एडमिरल रवनीश सेठ भी मौजूद रहे। उन्होंने भी बड़े भाई और नए सेना प्रमुख को सैल्यूट कर अपनी शुभकामनाएं दीं। भारतीय सशस्त्र बलों की अलग-अलग शाखाओं में सेवा दे रहे इस परिवार की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।
पदभार संभालने के बाद जनरल धीरज सेठ ने कहा कि भारतीय सेना का नेतृत्व करना उनके लिए गर्व, जिम्मेदारी और विनम्रता का विषय है। उन्होंने दोहराया कि “कर्तव्य, सम्मान और राष्ट्र सर्वोपरि” ही उनकी कार्यशैली का आधार रहेगा। उन्होंने देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका साहस और समर्पण हमेशा भारतीय सेना की सबसे बड़ी प्रेरणा रहेगा।
करीब चार दशक लंबे सैन्य करियर में जनरल धीरज सेठ ने रेगिस्तानी सीमाओं से लेकर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों तक कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। सेना के उपप्रमुख, सुदर्शन चक्र कोर के कमांडर और दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए उन्होंने सेना की रणनीतिक और परिचालन क्षमता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
पूर्व सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के सेवानिवृत्त होने के बाद जनरल धीरज सेठ ने भारतीय सेना की कमान संभाली है। उन्होंने अपने पूर्ववर्ती सेना प्रमुखों के योगदान को नमन करते हुए देशवासियों को भरोसा दिलाया कि भारतीय सेना हर चुनौती का मजबूती से सामना करने और देश की संप्रभुता व सीमाओं की रक्षा के लिए हर समय पूरी तरह तैयार है।

