24 june 2026,
कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG) 2026 के परिणामों ने इस बार देशभर के छात्रों के बीच नई प्रेरणा की कहानी लिखी है। दिल्ली की छात्रा और भाजपा विधायक कैलाश गहलोत की बेटी देविना गहलोत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की है। पांच विषयों में परीक्षा देने वाली देविना ने तीन विषयों में 100 पर्सेंटाइल प्राप्त कर देशभर में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है।
कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच हासिल की बड़ी सफलता
इस वर्ष CUET UG परीक्षा में लाखों छात्रों ने हिस्सा लिया था। ऐसे कड़े मुकाबले में शीर्ष स्थान हासिल करना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं माना जा रहा। देविना ने अपनी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के दम पर यह मुकाम हासिल किया। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद उनका नाम टॉपर सूची में सबसे ऊपर रहा, जिससे परिवार, स्कूल और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
पढ़ाई की रणनीति बनी सफलता की कुंजी
देविना का मानना है कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के लिए मजबूत आधार बेहद जरूरी होता है। उन्होंने अपनी तैयारी के दौरान NCERT की पुस्तकों को प्राथमिकता दी और प्रत्येक विषय की मूल अवधारणाओं को अच्छी तरह समझने पर जोर दिया। इसके साथ ही नियमित रिवीजन, समयबद्ध अध्ययन और आत्मविश्वास ने उनकी तैयारी को और मजबूत बनाया।
उन्होंने बताया कि पढ़ाई के दौरान उन्होंने केवल अधिक घंटे बिताने पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि पढ़ाई की गुणवत्ता को महत्व दिया। हर विषय को योजनाबद्ध तरीके से तैयार किया और कमजोर क्षेत्रों पर विशेष मेहनत की। यही रणनीति उन्हें देश की नंबर-1 छात्रा बनाने में मददगार साबित हुई।
12वीं बोर्ड में भी किया था शानदार प्रदर्शन
CUET में टॉप करने से पहले भी देविना अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों के कारण चर्चा में रही हैं। उन्होंने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 99.2 प्रतिशत अंक हासिल किए थे, जो उनकी निरंतर मेहनत और लगन को दर्शाता है। स्कूल स्तर से ही वह पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करती रही हैं और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों में भी सक्रिय रही हैं।
परिवार और शिक्षकों को दिया सफलता का श्रेय
अपनी इस उपलब्धि पर देविना ने परिवार और शिक्षकों का विशेष रूप से आभार जताया। उनका कहना है कि माता-पिता का सहयोग और शिक्षकों का मार्गदर्शन हर कठिन चरण में उनके साथ रहा। उन्होंने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान परिवार ने सकारात्मक माहौल बनाए रखा, जिससे वह बिना किसी दबाव के अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर सकीं।
वहीं, उनके पिता कैलाश गहलोत ने भी बेटी की सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उसकी वर्षों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि देविना की सफलता अन्य छात्रों को भी प्रेरित करेगी।
सेंट स्टीफंस कॉलेज में प्रवेश का लक्ष्य
देशभर में पहला स्थान हासिल करने के बाद अब देविना की नजर दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित कॉलेजों में दाखिले पर है। वह सेंट स्टीफंस कॉलेज में प्रवेश लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहती हैं। भविष्य में वह अपने पसंदीदा विषय में विशेषज्ञता हासिल कर अकादमिक और पेशेवर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचना चाहती हैं।
छात्रों के लिए प्रेरणा बनी देविना की कहानी
देविना गहलोत की सफलता यह साबित करती है कि किसी भी बड़े लक्ष्य को पाने के लिए निरंतर मेहनत, सही दिशा में तैयारी और आत्मविश्वास सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। उनकी उपलब्धि उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा है जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। यह कहानी बताती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास ईमानदार हों, तो सफलता निश्चित रूप से कदम चूमती है।
CUET UG 2026 में देविना गहलोत की यह ऐतिहासिक सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे शिक्षा जगत के लिए गर्व का विषय बन गई है।

