13 june 2026
हरिद्वार। उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा, गर्मी की छुट्टियों और सोमवती अमावस्या के विशेष स्नान पर्व के चलते धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं और पर्यटकों का अभूतपूर्व जमावड़ा देखने को मिल रहा है। देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में लोग अपने निजी वाहनों से हरिद्वार पहुंच रहे हैं, जिसके कारण शहर की यातायात व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ गया है। हालात ऐसे हैं कि कई प्रमुख मार्गों पर वाहन घंटों तक धीमी गति से चलते दिखाई दे रहे हैं, जबकि अधिकांश पार्किंग स्थल पूरी तरह भर चुके हैं।
हरिद्वार को चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार माना जाता है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु बड़ी संख्या में यहां से होकर गुजरते हैं। इसके अलावा स्कूलों की छुट्टियों के कारण उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों से परिवार भी उत्तराखंड के पर्वतीय पर्यटन स्थलों की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में धार्मिक यात्रियों और पर्यटकों की बढ़ती संख्या ने सड़कों पर वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ा दिया है।
शहर में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों, विशेष रूप से हरिद्वार-दिल्ली हाईवे और बिजनौर हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। हालांकि स्थिति अभी पूर्ण जाम की नहीं है, लेकिन लगातार बढ़ती भीड़ के कारण वाहन रेंग-रेंग कर आगे बढ़ रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच यात्रियों को घंटों तक वाहनों में इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सोमवती अमावस्या के अवसर पर हर की पैड़ी सहित विभिन्न गंगा घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। गंगा स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने घाटों को पूरी तरह भर दिया। भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और पुलिस लगातार निगरानी कर रहे हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए कई स्थानों पर डायवर्जन व्यवस्था लागू की गई है।
शहर की अधिकांश पार्किंग क्षमता पहले ही भर चुकी है। ऐसे में बाहरी राज्यों से आने वाले वाहन चालकों को पार्किंग के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कई लोग निर्धारित पार्किंग स्थलों तक पहुंचने से पहले ही सड़क किनारे रुकने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे यातायात पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है।
प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में चारधाम यात्रा का प्रवाह जारी रहने और पर्यटन सीजन के चरम पर पहुंचने के कारण भीड़ और बढ़ सकती है। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले यातायात संबंधी अपडेट प्राप्त करें, पर्याप्त पेयजल साथ रखें और संभव हो तो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
धार्मिक आस्था, पर्यटन और छुट्टियों के इस संगम ने हरिद्वार की रौनक तो बढ़ा दी है, लेकिन इसके साथ ही शहर के सामने यातायात प्रबंधन की बड़ी चुनौती भी खड़ी हो गई है। यदि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या इसी तरह बढ़ती रही, तो आने वाले दिनों में यातायात दबाव और अधिक बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

