देहरादून ; 24 अगस्त 2026,
देहरादून। उत्तराखण्ड की ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने अगले वर्ष से बड़ा बदलाव करने का संकेत दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव’ को अब केवल सीमित अवधि के कार्यक्रम के बजाय रक्षाबंधन से पहले पूरे पखवाड़े तक आयोजित किया जाएगा।
सोमवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने महिलाओं के हाथों से तैयार राखियों और अन्य स्थानीय उत्पादों को देखा तथा समूहों से जुड़े कामकाज की जानकारी ली। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों की महिला समूह सदस्य ऑनलाइन माध्यम से भी शामिल हुईं।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, त्योहारों के समय स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ती है, ऐसे में महिला समूहों को अपने सामान की बिक्री के लिए पर्याप्त समय और ग्राहकों तक सीधी पहुंच मिलना जरूरी है। इसी सोच के तहत अगले साल उत्सव की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
पंद्रह दिन का आयोजन महिलाओं के लिए केवल बिक्री का अवसर नहीं होगा, बल्कि उनके उत्पादों को पहचान दिलाने का भी माध्यम बन सकता है। लंबे समय तक चलने वाले आयोजन से अलग-अलग जिलों के समूहों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने, खरीदारों से जुड़ने और बाजार की जरूरत समझने का ज्यादा मौका मिलेगा।
उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाएं विभिन्न प्रकार के स्थानीय और हस्तनिर्मित उत्पाद तैयार कर रही हैं। सरकार ऐसे समूहों को बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है, ताकि घर और गांव तक सीमित रहने वाला महिलाओं का हुनर आय का स्थायी जरिया बन सके।
मुख्यमंत्री धामी ने समूहों से जुड़ी महिलाओं से संवाद के दौरान उनके अनुभव भी जाने। उन्होंने महिला समूहों की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को अधिक व्यापक बाजार तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सरकार की इस पहल का फोकस त्योहार को सिर्फ एक आयोजन के रूप में मनाने के बजाय उसे महिला उद्यमिता और स्थानीय कारोबार के अवसर में बदलने पर दिखाई दे रहा है। अगले वर्ष पखवाड़े के रूप में होने वाला बहना उत्सव इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

