देहरादून ; 24.08.2026,
देहरादून। खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ा दिया है। शहर के बाजारों में चीनी, आटा, सरसों तेल, रिफाइंड और दालों के भाव में बढ़ोतरी से लोगों के लिए रोजमर्रा का राशन जुटाना पहले के मुकाबले महंगा हो गया है। जरूरी सामान की कीमतें बढ़ने से सीमित आय वाले परिवारों को महीने का खर्च संभालने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इन दिनों चीनी के भाव में अचानक आई तेजी लोगों का ध्यान खींच रही है। करीब 12 दिन पहले फुटकर बाजार में चीनी लगभग 48 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मिल रही थी। इसके बाद भाव बढ़कर 55 रुपये तक पहुंचा और अब कई दुकानों पर ग्राहकों को करीब 70 रुपये प्रति किलोग्राम चुकाने पड़ रहे हैं। कम समय में कीमत में हुए इस बदलाव का सीधा असर घरों के राशन खर्च पर दिखाई दे रहा है।
चीनी के साथ आटे की कीमत में बढ़ोतरी ने भी लोगों की चिंता बढ़ाई है। घर की रोजाना जरूरत में शामिल आटे के महंगे होने से महीनेभर के राशन का खर्च बढ़ रहा है। वहीं सरसों तेल और रिफाइंड के दाम बढ़ने से भोजन तैयार करने की लागत भी पहले की तुलना में अधिक हो गई है।
दालों की कीमतों में तेजी ने भी परिवारों की परेशानी बढ़ाई है। दाल रोजमर्रा के भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, ऐसे में इसके भाव बढ़ने पर लोगों को घरेलू खर्च में दूसरे मदों से कटौती करनी पड़ रही है। कई परिवार अब खरीदारी करते समय कीमतों की तुलना करने के साथ जरूरत के हिसाब से सामान की मात्रा तय कर रहे हैं।
गृहणियों का कहना है कि खाद्य पदार्थों के लगातार बढ़ते दामों के कारण महीने की शुरुआत में बनाया गया बजट जल्दी ही असंतुलित हो जाता है। पहले जिन वस्तुओं की खरीदारी तय रकम में हो जाती थी, अब उन्हीं सामानों के लिए अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ रही है।
महंगाई का असर केवल किसी एक खाद्य पदार्थ तक सीमित नहीं है। आटा, तेल, चीनी और दाल जैसे रोजमर्रा के सामान एक साथ महंगे होने से इसका सामूहिक असर परिवारों की जेब पर पड़ रहा है। उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बाजार में खाद्य वस्तुओं के दाम स्थिर होंगे, जिससे उन्हें बढ़ते घरेलू खर्च से कुछ राहत मिल सके।

