24 april 2026
उत्तराखंड की वादियों में इन दिनों आस्था का अलग ही रंग देखने को मिल रहा है। जैसे ही केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ धाम के कपाट खुले, देश के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां पहुंचने लगे।
सुबह की पहली किरण के साथ ही मंदिरों के रास्तों पर “हर हर महादेव” और “जय बद्री विशाल” के जयकारे गूंजने लगते हैं। कोई पैदल यात्रा कर रहा है, तो कोई घोड़े-खच्चर या हेलीकॉप्टर से दर्शन के लिए पहुंच रहा है।
यात्रा मार्गों पर चहल-पहल बढ़ गई है। छोटे-छोटे ढाबों और दुकानों में रौनक लौट आई है, जिससे स्थानीय लोगों की रोज़ी-रोटी भी फिर से चल पड़ी है। वहीं, कई जगहों पर लंबी कतारें और ट्रैफिक जाम भी देखने को मिल रहा है।
प्रशासन भी पूरी तैयारी में है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं ताकि यात्रियों को तुरंत मदद मिल सके।
कुल मिलाकर, चारधाम यात्रा ने उत्तराखंड में भक्ति, उत्साह और जीवन की रफ्तार—तीनों को एक साथ बढ़ा दिया है।

