देहरादून ; 18.09.2026।
देहरादून। पड़ोसी देश नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बीच उत्तराखंड ने मानवीय संवेदनाओं के साथ सहायता का हाथ बढ़ाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासकीय आवास से नेपाल के लिए आपदा राहत एवं सहयोग दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। गोर्खाली सुधार सभा के केंद्रीय अध्यक्ष पदम सिंह थापा के नेतृत्व में यह दल नेपाल पहुंचकर आपदा प्रभावित लोगों की सहायता और राहत कार्यों में अपना योगदान देगा।
राहत दल की रवानगी के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नेपाल में आपदा से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मानवीय सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा की घड़ी में प्रभावित लोगों के साथ खड़ा होना साझा मानवीय जिम्मेदारी है। नेपाल और उत्तराखंड के बीच ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रिश्तों को देखते हुए वहां के लोगों के दुख-दर्द में सहभागी बनना विशेष महत्व रखता है।
नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा ने बड़ी संख्या में लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, जबकि अनेक लोग घर और जरूरी संसाधनों से वंचित हुए हैं। आपदा के बाद प्रभावित क्षेत्रों में राहत, सहायता और पुनर्वास की जरूरत लगातार बनी रहती है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए गोर्खाली सुधार सभा की ओर से सहयोग दल को नेपाल भेजने की पहल की गई है।
मुख्यमंत्री धामी की मौजूदगी में हुई इस रवानगी को उत्तराखंड की ओर से पड़ोसी देश के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग की पहल के रूप में देखा जा रहा है। राहत दल के सदस्य नेपाल में पहुंचकर स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने के प्रयास करेंगे। दल का नेतृत्व गोर्खाली सुधार सभा के केंद्रीय अध्यक्ष पदम सिंह थापा कर रहे हैं।
आपदा की घड़ी में नेपाल के साथ खड़ा उत्तराखंड
नेपाल और उत्तराखंड के बीच लंबे समय से सामाजिक एवं सांस्कृतिक जुड़ाव रहा है। दोनों क्षेत्रों के बीच लोगों के पारिवारिक और सामाजिक संबंध भी रहे हैं। ऐसे में नेपाल में आई आपदा का असर यहां के लोगों की संवेदनाओं पर भी दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री धामी द्वारा राहत दल को स्वयं हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाना इसी मानवीय सरोकार को सामने लाता है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री Ganesh Joshi सहित अन्य सम्मानितजन भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में नेपाल के आपदा प्रभावित नागरिकों के प्रति संवेदना प्रकट की गई और जरूरतमंद लोगों तक राहत एवं सहयोग पहुंचाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
राहत और पुनर्वास में सहयोग का प्रयास
आपदा के तत्काल बाद प्रभावित लोगों को भोजन, आवश्यक सामग्री, प्राथमिक सहायता और अन्य जरूरी संसाधनों की जरूरत होती है। इसके साथ ही विस्थापित परिवारों के सामने रहने और सामान्य जीवन में लौटने जैसी चुनौतियां भी होती हैं। नेपाल के लिए रवाना हुआ यह सहयोग दल इन्हीं परिस्थितियों के बीच अपनी क्षमता के अनुसार प्रभावित लोगों की सहायता करने का प्रयास करेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में हुई इस पहल ने नेपाल के आपदा प्रभावित नागरिकों के प्रति उत्तराखंड की संवेदनशीलता को भी रेखांकित किया है। राहत दल की कोशिश रहेगी कि आपदा से प्रभावित लोगों तक मानवीय सहयोग पहुंचाया जाए और मुश्किल समय में उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में योगदान दिया जा सके।
नेपाल में प्राकृतिक आपदा से उत्पन्न संकट के बीच उत्तराखंड की ओर से भेजा गया यह सहयोग दल पड़ोसी देश के नागरिकों के प्रति एकजुटता और मानवीय संवेदना का संदेश लेकर रवाना हुआ है।

