देहरादून ; 18.10.2026,
ऑस्कर विजेता निर्देशक सैम मेंडेस के निर्देशन में बनेगी चार फिल्मों की श्रृंखला, उत्तराखंड को वैश्विक फिल्म और पर्यटन मानचित्र पर मिलेगी नई पहचान
उत्तराखंड की आध्यात्मिक नगरी ऋषिकेश एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सिनेमा के केंद्र में आने जा रही है। विश्वप्रसिद्ध ब्रिटिश संगीत समूह ‘द बीटल्स’ के जीवन और संगीत यात्रा पर आधारित अंतरराष्ट्रीय फिल्म परियोजना ‘CLOVER’ की शूटिंग फरवरी 2027 में ऋषिकेश स्थित ऐतिहासिक चौरासी कुटिया, जिसे बीटल्स आश्रम के नाम से भी जाना जाता है, में प्रस्तावित है। इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर परियोजना की रूपरेखा और उत्तराखंड में शूटिंग की संभावनाओं पर चर्चा की।
प्रस्तावित फिल्म परियोजना को राज्य के पर्यटन, स्थानीय रोजगार और फिल्म निर्माण से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऋषिकेश की प्राकृतिक सुंदरता, गंगा तट का परिवेश और आध्यात्मिक पहचान इस अंतरराष्ट्रीय फिल्म के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे।
ऑस्कर विजेता निर्देशक के निर्देशन में बनेगी चार फिल्मों की श्रृंखला
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्देशन ऑस्कर पुरस्कार विजेता प्रसिद्ध ब्रिटिश फिल्म निर्देशक सैम मेंडेस कर रहे हैं। सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के लिए नील स्ट्रीट प्रोडक्शंस द्वारा एप्पल कॉर्प्स के सहयोग से तैयार की जा रही इस परियोजना का नाम ‘द बीटल्स – ए फोर-फिल्म सिनेमैटिक इवेंट’ रखा गया है।
इस श्रृंखला की खास बात यह है कि इसमें बीटल्स बैंड के चारों सदस्यों के जीवन, व्यक्तिगत अनुभवों और संगीत के सफर को चार अलग-अलग फिल्मों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। इन फिल्मों को अप्रैल 2028 में दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज करने की योजना है।
बीटल्स ने अपने संगीत से वैश्विक स्तर पर लोकप्रियता हासिल की थी। ऐसे में बैंड के इतिहास से जुड़े ऋषिकेश के स्थलों का फिल्मांकन अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के बीच इस क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को फिर से चर्चा में ला सकता है।
चौरासी कुटिया में फिल्मांकन की तैयारी
ऋषिकेश स्थित चौरासी कुटिया का बीटल्स के इतिहास से खास जुड़ाव रहा है। वर्ष 1968 में बैंड के सदस्य यहां आए थे और इस स्थान पर उनके प्रवास ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। आज भी यह स्थल संगीत प्रेमियों, विदेशी पर्यटकों और आध्यात्मिक अनुभव की तलाश में आने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र है।
फरवरी 2027 में प्रस्तावित शूटिंग के लिए इस ऐतिहासिक स्थल को प्रमुख लोकेशन के रूप में चुना गया है। परियोजना के माध्यम से बीटल्स और ऋषिकेश के पुराने संबंधों को सिनेमाई रूप में सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। इससे चौरासी कुटिया सहित ऋषिकेश की विरासत को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने का अवसर मिल सकता है।
250 से अधिक अंतरराष्ट्रीय और भारतीय क्रू सदस्यों की भागीदारी
फिल्म परियोजना से जुड़े प्रतिनिधियों ने बताया कि शूटिंग के दौरान 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय क्रू सदस्यों और लगभग 150 भारतीय क्रू सदस्यों के शामिल होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त स्थानीय तकनीशियनों, परिवहन कर्मियों, प्रोडक्शन सहायकों और अन्य सहयोगियों की सेवाएं भी ली जाएंगी।
भारत में फिल्म निर्माण से जुड़े कार्यों का समन्वय ‘ऑन द रोड इंडिया’ कर रहा है। स्थानीय स्तर पर शूटिंग होने से होटल और होमस्टे, परिवहन, खानपान, उपकरण आपूर्ति तथा अन्य सेवा क्षेत्रों को काम मिलने की उम्मीद है। साथ ही उत्तराखंड के स्थानीय कलाकारों और तकनीकी क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं को भी परियोजना से जुड़ने के अवसर मिल सकते हैं।
हालांकि, स्थानीय स्तर पर वास्तविक रोजगार और व्यावसायिक लाभ का दायरा शूटिंग की अंतिम योजना, आवश्यकताओं और स्थानीय भागीदारी पर निर्भर करेगा।
फिल्म नीति के तहत विदेशी निर्माताओं को प्रोत्साहित करने पर जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के दौरान कहा कि उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक महत्व और विविध भौगोलिक परिस्थितियों के कारण फिल्म निर्माण के लिए महत्वपूर्ण गंतव्य के रूप में उभरा है। राज्य सरकार की फिल्म नीति-2024 के तहत फिल्म निर्माताओं को अनुकूल वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य देश और विदेश की अधिक से अधिक फिल्म परियोजनाओं को उत्तराखंड की ओर आकर्षित करना है। इससे स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार हो सकते हैं। साथ ही राज्य में फिल्म निर्माण से जुड़ा बुनियादी ढांचा और सेवा क्षेत्र भी विकसित हो सकता है।
मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश के आध्यात्मिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि शहर की पहचान केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्वभर में इसे योग और अध्यात्म की नगरी के रूप में जाना जाता है। बीटल्स के साथ इसका ऐतिहासिक जुड़ाव इस पहचान को एक अतिरिक्त सांस्कृतिक आयाम देता है।
अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को मिल सकती है नई गति
फिल्मों और डिजिटल माध्यमों के जरिए किसी स्थान की पहचान दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचती है। ऐसे में यदि ‘CLOVER’ परियोजना में ऋषिकेश और चौरासी कुटिया को प्रमुखता से दिखाया जाता है, तो बीटल्स के प्रशंसकों के साथ-साथ विदेशी पर्यटकों की रुचि भी इस क्षेत्र में बढ़ सकती है।
इससे ऋषिकेश की ऐतिहासिक विरासत, आध्यात्मिक पर्यटन और स्थानीय व्यावसायिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। हालांकि, पर्यटन पर इसका वास्तविक प्रभाव फिल्म के प्रदर्शन, प्रचार और दर्शकों की प्रतिक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
प्रतिनिधिमंडल में अंतरराष्ट्रीय फिल्म जगत की हस्तियां शामिल
मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में बाफ्टा पुरस्कार के लिए नामित ब्रिटिश फिल्म निर्माता एलेक्जेंड्रा डर्बीशायर, भारतीय फिल्म निर्माता दिलीप सिंह राठौर और सुपरवाइजिंग लोकेशन मैनेजर एम्मा पिल शामिल थीं।
फिलहाल ऋषिकेश में फिल्म की शूटिंग फरवरी 2027 में किए जाने का प्रस्ताव है, जबकि पूरी फिल्म श्रृंखला को अप्रैल 2028 में रिलीज करने की योजना बताई गई है। यदि प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार फिल्मांकन होता है, तो यह परियोजना उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन के क्षेत्र में भी व्यापक पहचान दिलाने का एक अवसर बन सकती है।

