देहरादून; 30 सितंबर 2026:
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खेल जगत के लिए मंगलवार का दिन यादगार बन गया। हरियाणा की 26 वर्षीय निशानेबाज नीरू ढांडा ने महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय निशानेबाजी के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया। नीरू की इस जीत ने न सिर्फ भारत को प्रतियोगिता का पांचवां स्वर्ण दिलाया, बल्कि महिला ट्रैप के व्यक्तिगत मुकाबले में देश के लिए पहली बार गोल्ड मेडल भी सुनिश्चित किया।
बारिश के बीच भी नहीं डिगा नीरू का निशाना
एशियन गेम्स में महिला ट्रैप का फाइनल चुनौतीपूर्ण मौसम के बीच खेला गया। लगातार बारिश और मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद नीरू ने अपनी एकाग्रता बनाए रखी। फाइनल में उन्होंने 30 में से 28 निशाने सटीक लगाए और शीर्ष स्थान हासिल किया।
उनके प्रदर्शन की खास बात यह रही कि उन्होंने केवल स्वर्ण पदक ही नहीं जीता, बल्कि प्रतियोगिता का नया एशियाई रिकॉर्ड भी कायम किया। रिपोर्टों के अनुसार, इससे पहले रिकॉर्ड 24 हिट का था, जिसे नीरू ने चार अंकों के अंतर से पीछे छोड़ दिया।
फाइनल में चीन की सन युनोंग ने 26 हिट के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। इस तरह नीरू ने दबाव भरे मुकाबले में दो हिट के अंतर से स्वर्ण अपने नाम किया।
75 साल के इतिहास में पहली भारतीय महिला
नीरू की उपलब्धि इसलिए और बड़ी हो जाती है क्योंकि एशियन गेम्स के इतिहास में यह महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत का पहला स्वर्ण है। यानी इससे पहले कोई भी भारतीय महिला इस इवेंट में एशियाई खेलों के व्यक्तिगत फाइनल में गोल्ड तक नहीं पहुंच सकी थी।
नीरू के गोल्ड ने इस स्पर्धा में भारत के लंबे इंतजार को भी खत्म किया। उनकी जीत के साथ महिला ट्रैप शूटिंग में भारतीय निशानेबाजी को एक नया मुकाम मिला है।
पहले टीम स्पर्धा में सिल्वर, फिर व्यक्तिगत मुकाबले में गोल्ड
नीरू ढांडा का एशियन गेम्स अभियान एक पदक तक सीमित नहीं रहा। व्यक्तिगत फाइनल से पहले उन्होंने आशिमा अहलावत और मनीषा कीर के साथ महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
भारतीय तिकड़ी ने कुल 328 अंक हासिल कर रजत पदक अपने नाम किया। इसके बाद व्यक्तिगत स्पर्धा में नीरू ने अपने प्रदर्शन को और बेहतर करते हुए सीधे स्वर्ण पदक पर निशाना साधा।
इस तरह एक ही प्रतियोगिता में नीरू के नाम अब महिला ट्रैप टीम का रजत और व्यक्तिगत मुकाबले का स्वर्ण दर्ज हो गया है।
एशियन गेम्स में भारत का पहला व्यक्तिगत गोल्ड भी
नीरू का स्वर्ण इसलिए भी खास है क्योंकि एशियन गेम्स 2026 में यह भारत का पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक रहा। इससे पहले भारत के खाते में आए स्वर्ण टीम या डबल्स जैसी स्पर्धाओं में हासिल हुए थे।
मंगलवार को नीरू के अलावा भारतीय महिला 4×400 मीटर रिले टीम ने भी स्वर्ण जीता। भारत ने उस दिन कुल आठ पदक हासिल किए, जिससे एशियन गेम्स में देश के अभियान को और मजबूती मिली।
जुलाई में भी किया था बड़ा कमाल
नीरू ढांडा के लिए 2026 लगातार उपलब्धियों का साल साबित हो रहा है। एशियन गेम्स से पहले जुलाई में उन्होंने इटली में आयोजित ISSF विश्व कप में ट्रैप स्पर्धा का स्वर्ण जीतकर भी सुर्खियां बटोरी थीं।
इसके बाद एशियन गेम्स में उनका प्रदर्शन बताता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी निरंतरता और प्रतिस्पर्धी क्षमता लगातार मजबूत हुई है। अब एशियाई खेलों के मंच पर रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण जीतना उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि बन गया है।
परिवार और हरियाणा के लिए भी गौरव का पल
नीरू का संबंध हरियाणा के जींद से है। उनकी सफलता से उनके गृह क्षेत्र में भी खुशी का माहौल है। शूटिंग में उनके सफर पर उनके चचेरे भाई लक्ष्य श्योराण के प्रभाव का भी उल्लेख सामने आया है। लक्ष्य ने 2018 एशियन गेम्स में रजत पदक जीता था और उनके प्रदर्शन से प्रेरित होकर नीरू ने निशानेबाजी को गंभीरता से अपनाया।
नीरू की कहानी इस लिहाज से भी उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के लिए उन्हें लंबे समय तक मेहनत और चुनौतियों से गुजरना पड़ा। आज वही खिलाड़ी एशियन गेम्स के पोडियम पर सबसे ऊंचे स्थान पर खड़ी हैं।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री कार्यालय ने दी बधाई
नीरू ढांडा की ऐतिहासिक जीत के बाद उन्हें देशभर से बधाइयां मिलीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि उनका प्रदर्शन भारतीयों के लिए गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने नीरू को महिला ट्रैप में व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला के रूप में उनकी उपलब्धि पर बधाई दी।
अब नीरू के सामने एक और चुनौती
व्यक्तिगत स्वर्ण और महिला टीम का रजत जीतने के बाद भी नीरू का एशियन गेम्स अभियान यहीं खत्म नहीं हुआ। 30 सितंबर के कार्यक्रम में वह ट्रैप की मिक्स्ड टीम स्पर्धा में भी भारत की चुनौती का हिस्सा थीं।
यानी नीरू ढांडा के लिए एशियन गेम्स 2026 पहले ही ऐतिहासिक बन चुका है, लेकिन प्रतियोगिता में उनके पास पदकों की संख्या बढ़ाने का एक और अवसर मौजूद है।
नीरू का 28 हिट वाला प्रदर्शन केवल एक गोल्ड मेडल की कहानी नहीं है। यह भारतीय महिला ट्रैप शूटिंग के उस सफर का नया पड़ाव है, जहां एक खिलाड़ी ने मुश्किल मौसम, बड़े मंच और मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के बीच संयम बनाए रखते हुए रिकॉर्ड के साथ इतिहास रच दिया।

