26 june 2026
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने नंदा गौरा योजना के तहत हरिद्वार और उत्तरकाशी जिले की 4098 पात्र बालिकाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करते हुए करीब 19 करोड़ 23 लाख रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में स्थानांतरित की है। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से भेजी गई, जिससे लाभार्थियों को बिना किसी मध्यस्थ के सहायता उपलब्ध हो सके।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने यमुना कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय से इस सहायता राशि का हस्तांतरण किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना के लिए पात्र कोई भी बेटी आर्थिक सहायता से वंचित न रहे।
मंत्री ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश की 33,251 पात्र बालिकाओं को 26 फरवरी 2026 को ही योजना का लाभ दिया जा चुका था। हालांकि हरिद्वार और उत्तरकाशी की कुछ बालिकाओं के दस्तावेजों की औपचारिकताएं और जिला स्तरीय समिति से अनुमोदन समय पर पूरा नहीं हो पाया था। इसी कारण उन्हें पहले चरण में सहायता राशि नहीं मिल सकी थी।
अब सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इन 4098 पात्र बालिकाओं को भी योजना के दायरे में शामिल करते हुए सहायता राशि उनके बैंक खातों में भेज दी गई है।
रेखा आर्या ने कहा कि नंदा गौरा योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बेटियों की शिक्षा, आत्मनिर्भरता और उज्ज्वल भविष्य को मजबूत आधार देने की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि सभी पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचे।
सरकार का मानना है कि इस तरह की योजनाएं बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने के साथ-साथ परिवारों को भी उनकी शिक्षा और विकास के लिए प्रोत्साहित करती हैं। इसी उद्देश्य के साथ नंदा गौरा योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।

