23 june 2026,
नाहन। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर निर्मित अत्याधुनिक 180 मीटर लंबे बो-स्ट्रिंग ब्रिज का बुधवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गटकरी द्वारा वर्चुअल लोकार्पण किया जाएगा। मारकंडा नदी पर खजुरना क्षेत्र में बने इस पुल के शुरू होने से अंबाला-कालाअंब-देहरादून मार्ग पर यातायात व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
करीब 18 से 20 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस आधुनिक पुल का निर्माण पिछले एक वर्ष के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की निगरानी में किया गया। अपनी विशिष्ट धनुषाकार संरचना के कारण यह पुल न केवल इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण है, बल्कि क्षेत्र की नई पहचान बनने की क्षमता भी रखता है। रात के समय इसकी आकर्षक बनावट और भी अधिक प्रभावशाली दिखाई देती है।
400 मीटर का घुमावदार रास्ता होगा खत्म
अब तक वाहन चालकों को पुराने पुल और घुमावदार मार्ग के कारण अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी। नए बो-स्ट्रिंग ब्रिज के चालू होने से लगभग 400 मीटर की घुमावदार दूरी कम हो जाएगी, जिससे यात्रा का समय घटेगा और ईंधन की भी बचत होगी। भारी वाहनों के संचालन में भी सुविधा मिलेगी तथा सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी।
पुराने जर्जर पुल का विकल्प बनेगा नया ढांचा
मारकंडा नदी पर बना पुराना आर्ट ब्रिज कई दशकों से यातायात का भार संभाल रहा था, लेकिन समय के साथ उसकी स्थिति कमजोर होती जा रही थी। ऐसे में आधुनिक तकनीक से निर्मित यह नया पुल पुराने ढांचे का स्थान लेकर क्षेत्र की भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को पूरा करेगा। विशेषज्ञों के अनुसार पुल को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह बढ़ते ट्रैफिक दबाव को लंबे समय तक आसानी से संभाल सके।
फोरलेन परियोजना को मिलेगा मजबूती का आधार
राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर उत्तराखंड क्षेत्र में देहरादून से पांवटा साहिब तक फोरलेन निर्माण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। वहीं हरियाणा सीमा से कालाअंब तक भी सड़क चौड़ीकरण का काम समाप्त हो चुका है। हालांकि हिमाचल प्रदेश के हिस्से में पांवटा साहिब से कालाअंब तक फोरलेन परियोजना अभी प्रगति पर है। ऐसे में यह नया पुल भविष्य की फोरलेन योजना के लिए महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना साबित होगा।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई रफ्तार
पुल के उद्घाटन से सिरमौर जिले के लोगों, उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क के कारण पर्यटन, परिवहन और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलने की संभावना है। साथ ही अंबाला, कालाअंब, नाहन, पांवटा साहिब और देहरादून के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुगम और सुरक्षित हो जाएगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग नाहन मंडल के अधिकारियों का कहना है कि पुल के शुरू होने के बाद हाईवे पर यातायात का दबाव बेहतर ढंग से नियंत्रित किया जा सकेगा और यात्रियों को अधिक आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। यह परियोजना सिरमौर जिले के बुनियादी ढांचे के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

