देहरादून, 10 अक्टूबर 2026।
देहरादून। शक्ति की उपासना और मां दुर्गा की आराधना का पावन पर्व शारदीय नवरात्र रविवार, 11 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। मंदिरों में साफ-सफाई और सजावट की तैयारियां की जा रही हैं, वहीं घरों में भी मां दुर्गा के स्वागत की तैयारियां पूरी की जा रही हैं। इस बार माता रानी के हाथी पर सवार होकर आगमन की धार्मिक मान्यता है, जिसे सुख-समृद्धि, खुशहाली और अच्छी वर्षा का प्रतीक माना जाता है।
सुबह 6:17 से 10:09 बजे तक घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। देहरादून में घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 17 मिनट से 10 बजकर 9 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 41 मिनट से दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक रहेगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा का आह्वान किया जाता है। श्रद्धालु पूजा स्थल पर कलश स्थापित कर दीप प्रज्वलित करेंगे और परिवार की सुख-शांति, समृद्धि व खुशहाली की कामना करेंगे। कई घरों में नौ दिनों तक अखंड ज्योति जलाने और जौ बोने की भी परंपरा है।
हाथी पर माता का आगमन माना जाता है शुभ
इस बार नवरात्र की शुरुआत रविवार से होने के कारण माता रानी के वाहन के रूप में हाथी का उल्लेख किया जा रहा है। धार्मिक मान्यता में हाथी को ऐश्वर्य, स्थिरता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि मां दुर्गा का हाथी पर आगमन अच्छी वर्षा और धन-धान्य में वृद्धि का संकेत देता है। हालांकि, ये धार्मिक विश्वास हैं, भविष्य की निश्चित भविष्यवाणी नहीं।
नौ दिनों तक होगी मां के नौ स्वरूपों की पूजा
नवरात्र के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाएगी। पहले दिन मां शैलपुत्री, दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन मां चंद्रघंटा, चौथे दिन मां कूष्मांडा, पांचवें दिन मां स्कंदमाता, छठे दिन मां कात्यायनी, सातवें दिन मां कालरात्रि, आठवें दिन मां महागौरी और नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की आराधना की जाएगी।
इन नौ दिनों में श्रद्धालु व्रत रखेंगे और दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तशती के पाठ तथा भजन-कीर्तन के माध्यम से मां की भक्ति में लीन रहेंगे। अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व रहेगा। नवरात्र का समापन विजयादशमी के पर्व के साथ 20 अक्टूबर को होगा।
माता रानी के स्वागत के लिए श्रद्धालु उत्साहित हैं। घरों में पूजा की तैयारियों और मंदिरों में गूंजने वाले जयकारों के बीच रविवार से शक्ति की आराधना का यह पावन पर्व शुरू होगा। भक्त मां दुर्गा से सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मांगेंगे।

