17 may 2026
देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG को लेकर उठे पेपर लीक विवाद के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी ने परीक्षा से जुड़े पेपर सेट करने वाले विशेषज्ञों, मॉडरेटरों और विभिन्न भाषाओं में प्रश्नपत्र का अनुवाद करने वाले ट्रांसलेटरों की पूरी सूची केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। इस कदम को जांच में तेजी लाने और जिम्मेदार लोगों तक पहुंचने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले किन-किन स्तरों तक पहुंचा और इसमें किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। CBI उन लोगों से पूछताछ की तैयारी कर रही है जो प्रश्नपत्र निर्माण, प्रिंटिंग, ट्रांसलेशन और वितरण प्रक्रिया से जुड़े थे। माना जा रहा है कि एजेंसी डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और ईमेल संचार की भी जांच करेगी।
एनटीए ने इस मामले के बाद परीक्षा प्रणाली में कई बदलावों के संकेत दिए हैं। एजेंसी का कहना है कि भविष्य में प्रश्नपत्र सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा तथा संवेदनशील कार्यों से जुड़े लोगों की निगरानी बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा ट्रांसलेशन प्रक्रिया में भी अतिरिक्त सुरक्षा परतें जोड़ने की योजना बनाई जा रही है ताकि किसी प्रकार की जानकारी लीक न हो सके।
इस पूरे विवाद के बाद लाखों छात्रों और अभिभावकों में चिंता का माहौल बना हुआ है। कई छात्र संगठनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं सरकार ने भी साफ किया है कि परीक्षा की पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

