27 june 2026,
हरिद्वार। उत्तर भारत की सड़क कनेक्टिविटी को नई मजबूती देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) हरिद्वार को दिल्ली–देहरादून आर्थिक गलियारे से जोड़ने के लिए तेजी से काम कर रहा है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली, मेरठ, सहारनपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हरिद्वार आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और यात्रियों को शहर के भीतर जाम का सामना किए बिना तेज और सुगम सफर मिलेगा।
स्पर रोड से मिलेगा सीधा संपर्क
एनएचएआई द्वारा विकसित किया जा रहा ‘स्पर टू हरिद्वार’ कॉरिडोर दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे को हरिद्वार से जोड़ेगा। यह मार्ग हलगोया मुस्तकम से शुरू होकर भड़ेड़ी राजपूताना स्थित मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग-58 तक पहुंचेगा। इस नए संपर्क मार्ग के शुरू होने के बाद बाहरी राज्यों से आने वाले वाहन सीधे हरिद्वार की ओर बढ़ सकेंगे, जिससे शहर के मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा।
हरिद्वार बाईपास का अधिकांश कार्य पूरा
इसके साथ ही 15 किलोमीटर लंबे हरिद्वार बाईपास (पैकेज-1) का निर्माण भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक करीब 77 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है, जबकि लगभग 9 किलोमीटर फोर-लेन सड़क तैयार हो चुकी है। यह बाईपास बहादराबाद से शुरू होकर राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर चंडी देवी मंदिर के पास समाप्त होगा।
बाईपास के चालू होने के बाद हर की पैड़ी, चंडी चौक, शंकराचार्य चौक और ज्वालापुर जैसे व्यस्त इलाकों में वाहनों की संख्या कम होने की उम्मीद है। इससे श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी जाम से राहत मिलेगी।
भीड़भाड़ वाले जंक्शनों पर बन रहे फ्लाईओवर
हरिद्वार–मुजफ्फरनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी यातायात को सुगम बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। पुरकाजी, फलौदा, मंगलौर, बहादराबाद और ज्वालापुर जैसे प्रमुख जंक्शनों पर फ्लाईओवर, व्हीक्युलर अंडरपास (VUP) और सर्विस रोड का निर्माण जारी है। इन सुविधाओं के तैयार होने से लंबी दूरी के वाहनों और स्थानीय यातायात को अलग-अलग मार्ग मिलेंगे, जिससे दुर्घटनाओं और जाम की संभावना भी घटेगी।
अर्धकुंभ-2027 से पहले तैयार करने का लक्ष्य
एनएचएआई का उद्देश्य इन सभी परियोजनाओं को अर्धकुंभ-2027 से पहले पूरा करना है। हरिद्वार में आयोजित होने वाले इस विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान देशभर से करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में बेहतर सड़क नेटवर्क न केवल यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि यातायात प्रबंधन को भी अधिक प्रभावी बनाएगा।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
नई सड़क परियोजनाओं के पूरा होने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। हरिद्वार आने वाले यात्रियों का समय बचेगा, ईंधन की खपत कम होगी और परिवहन व्यवस्था अधिक व्यवस्थित बनेगी। इसका सीधा लाभ स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग, परिवहन सेवाओं और छोटे कारोबारियों को भी मिलेगा। साथ ही दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड की यात्रा पहले की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगी।
यात्रियों के लिए क्या होगा फायदा?
- दिल्ली, मेरठ, सहारनपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हरिद्वार पहुंचना होगा आसान।
- शहर के अंदर लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत।
- हर की पैड़ी और प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचने में समय बचेगा।
- अर्धकुंभ-2027 के दौरान यातायात व्यवस्था होगी अधिक सुचारु।
- धार्मिक पर्यटन और स्थानीय कारोबार को मिलेगा नया बढ़ावा।
हरिद्वार में निर्माणाधीन स्पर रोड, बाईपास और फ्लाईओवर परियोजनाएं पूरी होने के बाद शहर की सड़क व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। माना जा रहा है कि ये परियोजनाएं भविष्य की बढ़ती यातायात जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ उत्तराखंड की धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति देंगी।

