20 june 2026
Haridwar नगर निगम में जमीन खरीद से जुड़े कथित घोटाले ने एक बार फिर प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला उस समय चर्चा में आया जब यह सामने आया कि सराय क्षेत्र में कूड़े के ढेर के पास स्थित अनुपयुक्त कृषि भूमि को नियमों की अनदेखी कर अत्यधिक कीमत पर खरीदा गया।
सूत्रों और जांच रिपोर्ट के अनुसार, जिस भूमि की वास्तविक बाजार कीमत लगभग 13 से 14 करोड़ रुपये आंकी गई थी, उसे बिना किसी पारदर्शी बोली प्रक्रिया के करीब 54 करोड़ रुपये में खरीदा गया। इस अंतर ने बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता और संभावित साजिश की ओर इशारा किया।
विजिलेंस जांच में क्या निकला
सतर्कता विभाग (विजिलेंस) की जांच में यह बात सामने आई कि भूमि खरीद प्रक्रिया में गंभीर नियम उल्लंघन हुए। रिपोर्ट में यह भी संकेत मिला कि कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर निर्णय प्रक्रिया को प्रभावित किया।
जांच में आपराधिक साजिश, वित्तीय गड़बड़ी और सरकारी धन के दुरुपयोग के संकेत मिलने के बाद राज्य सरकार ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया।
सरकार की सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने इस मामले में “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत कई कड़े कदम उठाए हैं—
- एक वरिष्ठ IAS अधिकारी की सेवा समाप्ति की संस्तुति केंद्र सरकार को भेजी गई
- एक अन्य IAS अधिकारी पर “मेजर पनिशमेंट” यानी दीर्घ शास्ति लागू करने का निर्णय
- एक PCS अधिकारी पर तीन वेतन वृद्धि रोकने और सेवा पुस्तिका में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने के आदेश
- कुल 10 लोगों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की अनुमति
- कई अधिकारियों, कर्मचारियों और भूमि विक्रेताओं की भूमिका जांच के दायरे में
किन अधिकारियों पर कार्रवाई
जांच और प्रशासनिक निर्णयों के बाद जिन पर कार्रवाई की गई, उनमें शामिल हैं—
- तत्कालीन मुख्य नगर अधिकारी (IAS) वरुण चौधरी
- तत्कालीन जिलाधिकारी (IAS) कर्मेंद्र सिंह
- तत्कालीन एसडीएम (PCS) अजयवीर सिंह
- कर अधीक्षक, सहायक अभियंता, लिपिक और अन्य संबंधित कर्मचारी
इन सभी पर अलग-अलग स्तर पर प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई तय की गई है।
वित्तीय नुकसान और रिकवरी आदेश
सरकार ने न केवल जांच और दंडात्मक कार्रवाई की है, बल्कि वित्तीय वसूली पर भी बड़ा कदम उठाया है। आदेश के अनुसार:
- विवादित सभी रजिस्ट्री (सेल डीड) निरस्त की जा रही हैं
- भुगतान की गई पूरी राशि की शत-प्रतिशत रिकवरी की जाएगी
- सरकारी धन की वसूली संबंधित पक्षों से की जाएगी
आगे क्या?
मामले में अब आपराधिक मुकदमे की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और विजिलेंस जांच के आधार पर अन्य संभावित नाम भी सामने आ सकते हैं। प्रशासनिक स्तर पर यह कार्रवाई प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़े संदेश के रूप में देखी जा रही है।

