देहरादून ; 1 अक्टूबर 2026,
ऋषिकेश। बारिश और बढ़े जलस्तर के चलते कुछ दिनों से थमी गंगा की राफ्टिंग गतिविधियां अब दोबारा पटरी पर लौट आई हैं। मंगलवार से राफ्टिंग संचालन शुरू होने के साथ ही इस कारोबार से जुड़े लोगों में उत्साह नजर आने लगा है। कारोबारियों को उम्मीद है कि आगामी सप्ताहांत में बड़ी संख्या में पर्यटक राफ्टिंग के लिए पहुंच सकते हैं, जिससे पर्यटन गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
इस साल गंगा में राफ्टिंग सीजन की शुरुआत 24 सितंबर से हुई थी। सीजन शुरू होने के बाद दो दिनों तक राफ्टिंग का संचालन जारी रहा, लेकिन 26 सितंबर को मौसम ने करवट ले ली। बारिश के साथ गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण दोपहर बाद राफ्टिंग गतिविधियों को रोक दिया गया था। मौसम की स्थिति और नदी के बहाव को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से यह कदम उठाया गया।
बीते दिनों राफ्टिंग बंद रहने से इस कारोबार से जुड़े संचालकों के साथ-साथ गाइड, नाविक, वाहन संचालक और अन्य पर्यटन व्यवसायियों पर भी इसका असर पड़ा। अब राफ्टिंग दोबारा शुरू होने से इन लोगों को कारोबार में तेजी आने की उम्मीद है। सप्ताहांत में पर्यटकों की संख्या बढ़ने पर राफ्टिंग के साथ स्थानीय होटल, कैंपिंग, खानपान और परिवहन से जुड़े कारोबार को भी फायदा मिलने की संभावना है।
राफ्टिंग सीजन के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से पर्यटक ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचते हैं। गंगा की तेज धार और पहाड़ी क्षेत्र के प्राकृतिक वातावरण के बीच राफ्टिंग पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण रहती है। सीजन की शुरुआत के साथ ही इस गतिविधि से जुड़े व्यवसायियों को अच्छे कारोबार की उम्मीद रहती है, हालांकि बारिश और नदी के जलस्तर जैसी परिस्थितियों का सीधा असर राफ्टिंग संचालन पर पड़ता है।
गंगा में राफ्टिंग का सामान्य सीजन सितंबर से जून तक माना जाता है। इस दौरान नदी की स्थिति और मौसम को ध्यान में रखते हुए गतिविधियों का संचालन किया जाता है। फिलहाल राफ्टिंग दोबारा शुरू होने के बाद कारोबारियों की नजर सप्ताहांत पर है। पर्यटकों की संभावित बढ़ती आवाजाही को देखते हुए राफ्टिंग से जुड़े व्यवसायियों को सीजन के आगे बेहतर रहने की उम्मीद है।

