देहरादून, 19 अक्टूबर 2026।
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व कल, 20 अक्टूबर को पूरे उत्तराखंड में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। राजधानी देहरादून में दशहरा महोत्सव को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाला दशहरा महोत्सव खास रहने वाला है, जहां 181 फीट ऊंचा रावण का पुतला आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगा।
बन्नू बिरादरी दशहरा कमेटी की ओर से आयोजित होने वाले 79वें दशहरा महोत्सव में रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का भी दहन किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले 70-70 फीट ऊंचे होंगे। इसके साथ ही भव्य लंका का निर्माण भी किया गया है, जो इस आयोजन को और आकर्षक बनाएगा।
शोभायात्रा से होगी कार्यक्रम की शुरुआत
दशहरा महोत्सव की शुरुआत दोपहर में शोभायात्रा के साथ होगी। शोभायात्रा गोपीनाथ मंदिर से शुरू होकर कालिका मंदिर, मोती बाजार, पलटन बाजार, राजपुर रोड, एस्लेहॉल और कनक चौक होते हुए परेड ग्राउंड पहुंचेगी। शोभायात्रा में धार्मिक झांकियां और भजन-कीर्तन श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
आयोजकों की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, शाम करीब 5:30 बजे लंका दहन और शाम 6:05 बजे रावण दहन निर्धारित है। इसके बाद आतिशबाजी भी कार्यक्रम का हिस्सा होगी। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए आयोजन स्थल पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
रिमोट से होगा रावण के पुतले का दहन
इस बार दशहरा महोत्सव की एक खास बात यह भी है कि 181 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन रिमोट कंट्रोल से किया जाएगा। रावण के साथ कुंभकर्ण, मेघनाद और लंका दहन भी आयोजन का हिस्सा होंगे। इतने विशाल पुतले को देखने के लिए देहरादून और आसपास के क्षेत्रों से लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अलर्ट
दशहरा महोत्सव में संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। परेड ग्राउंड के आसपास जीरो जोन बनाया जाएगा और यातायात को सुचारू रखने के लिए 11 स्थानों पर बैरियर लगाए जाएंगे। सामान्य वाहनों और वीआईपी वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग की व्यवस्था भी निर्धारित की गई है।
कार्यक्रम के दौरान कुछ मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित या परिवर्तित रह सकती है। ऐसे में लोगों से अपील है कि वे घर से निकलने से पहले यातायात संबंधी दिशा-निर्देशों की जानकारी लें और जहां तक संभव हो, वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें।
जौनसार-बावर में दशहरे की अनूठी परंपरा
उत्तराखंड की सांस्कृतिक विविधता की बात करें तो जौनसार-बावर क्षेत्र में दशहरा मैदानी इलाकों से अलग तरीके से मनाया जाता है। यहां रावण दहन के बजाय पारंपरिक पाइंता पर्व का आयोजन होता है। कालसी ब्लॉक के उत्पाल्टा और कुरौली गांवों के बीच होने वाला पारंपरिक गागली युद्ध इस पर्व का विशेष आकर्षण है। इस परंपरा में स्थानीय ग्रामीण भाग लेते हैं और अपनी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाते हैं।
बाजारों में भी त्योहार की रौनक
दशहरे को लेकर राजधानी सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में त्योहार का माहौल बना हुआ है। रामलीला मंचन, धार्मिक कार्यक्रमों और रावण दहन को लेकर लोगों में उत्साह है। दशहरा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि समाज को सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला अवसर भी है।
संदेश यही—बुराई चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अंत में जीत अच्छाई की ही होती है।
फिलहाल, देहरादून में दशहरा महोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। अब सभी की नजरें कल होने वाले भव्य आयोजन पर टिकी हैं।
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