देहरादून ; 13.10.2026,
देहरादून। उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर प्रशासनिक मशीनरी ने तैयारियों की समीक्षा तेज कर दी है। चुनाव से पहले व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने और विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां तय करने के उद्देश्य से देहरादून में भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में दो दिन तक मंथन चला। समीक्षा बैठक में चुनावी प्रबंधन से लेकर पुलिस बल की तैनाती और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की जांच तक कई अहम पहलुओं पर अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट रखी।
राजपुर रोड स्थित एक होटल में हुई इस बैठक में प्रदेश के दोनों मंडलों और सभी जिलों के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ केंद्र और राज्य सरकार की 21 प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। अलग-अलग विभागों की ओर से दिए गए प्रस्तुतिकरण के जरिए यह जानकारी सामने रखी गई कि आगामी चुनाव के लिए किस स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं और किन व्यवस्थाओं को निर्धारित समय के भीतर पूरा किया जाना है।
ईवीएम की जांच से शुरू हुई चुनावी तैयारी की समीक्षा
बैठक के पहले दिन इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच यानी एफएलसी को लेकर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें जिला निर्वाचन अधिकारियों, उप जिला निर्वाचन अधिकारियों और ईवीएम से संबंधित नोडल अधिकारियों को प्रक्रिया के बारे में जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। चुनाव में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की जांच निर्धारित मानकों के अनुसार हो, इसके लिए अधिकारियों को प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिलों ने पेश किया अपना चुनावी रोडमैप
समीक्षा के दूसरे दिन जिलों की तैयारियां केंद्र में रहीं। जिलाधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों ने अपने-अपने जनपदों में चुनाव प्रबंधन से संबंधित कार्यों की जानकारी आयोग के प्रतिनिधिमंडल के सामने रखी। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और चुनाव के दौरान पुलिस बल की तैनाती से जुड़ी योजनाओं का विवरण दिया।
आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने अब तक की तैयारियों पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही स्पष्ट किया कि सभी अधिकारी तय इलेक्शन प्लानर के अनुसार काम करें, ताकि चुनाव से जुड़ी व्यवस्थाओं में समयबद्धता और विभागीय तालमेल बना रहे।
21 एजेंसियों की भूमिका भी रही चर्चा में
विधानसभा चुनाव के दौरान केवल जिला प्रशासन और पुलिस ही नहीं, बल्कि विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी। इसी को ध्यान में रखते हुए अर्द्धसैनिक बलों, आबकारी, जीएसटी, परिवहन, वन विभाग, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और कस्टम समेत 21 एजेंसियों ने अपनी तैयारियों का ब्योरा दिया।
बैठक में इन विभागों की कार्ययोजनाओं की समीक्षा के साथ चुनाव के दौरान आपसी समन्वय की जरूरत पर भी जोर रहा। उद्देश्य यह है कि निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान संबंधित विभाग अपनी निर्धारित जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें।
आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने संभाली समीक्षा की कमान
बैठक में भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग, महानिदेशक मीडिया आशीष गोयल, महानिदेशक आईटी सीमा खन्ना और मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनके अलावा आयोग के प्रधान सचिव एस.बी. जोशी और बी.के. पाठक, कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत, गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप तथा पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी और सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तूदास सहित सभी जिलों के जिलाधिकारी एवं पुलिस प्रमुखों ने भी बैठक में भाग लिया।
दो दिवसीय बैठक का मुख्य संदेश स्पष्ट रहा कि विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को अंतिम समय के बजाय पहले से व्यवस्थित किया जाए। अब जिला स्तर पर तय योजनाओं को अमल में लाने, ईवीएम जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाने और सुरक्षा सहित अन्य व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर संबंधित विभागों का ध्यान रहेगा।

