11 july 2026 ; देहरादून।
लगातार हो रही भारी बारिश ने उत्तराखंड में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन और मलबा आने की घटनाओं के कारण 91 सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे लोगों की आवाजाही बाधित हो गई है। बंद मार्गों में एक राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) और दो राज्य राजमार्ग भी शामिल हैं। सड़कें बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ यात्रियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे अधिक असर पौड़ी गढ़वाल जिले में देखने को मिला है, जहां 21 सड़कें अवरुद्ध हैं। इसके अलावा चमोली में 19, टिहरी में 17, पिथौरागढ़ में 10, उत्तरकाशी में एक राष्ट्रीय राजमार्ग सहित आठ, हरिद्वार में चार, बागेश्वर में चार, अल्मोड़ा में तीन, रुद्रप्रयाग में तीन, देहरादून में एक और चंपावत में एक सड़क बंद है। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) की टीमें लगातार मशीनों की मदद से मलबा हटाकर मार्गों को जल्द से जल्द खोलने में जुटी हुई हैं।
दूसरी ओर, राज्य के 11 बांधों और बैराजों में जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। उत्तरकाशी में भागीरथी नदी का जलस्तर शुक्रवार सुबह तेजी से बढ़ते हुए चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गया। वहीं कोटेश्वर और रुद्रप्रयाग क्षेत्र में भी नदियों का जलस्तर लगातार ऊंचा बना हुआ है। बदरीनाथ क्षेत्र में अलकनंदा नदी का जलस्तर भी कुछ समय के लिए खतरे के निशान के करीब पहुंचा, हालांकि बाद में इसमें गिरावट दर्ज की गई।
राहत की बात यह है कि ऋषिकेश और हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है, जिससे निचले इलाकों में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बनी हुई है। प्रशासन नदी किनारे रहने वाले लोगों और यात्रियों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है। साथ ही मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और सड़कें खोलने के साथ-साथ संभावित आपदा से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को भी तैयार रखा गया है।

