देहरादून ; 2 अक्टूबर 2026,
पंचकुला में नमो क्रिकेट लीग के आयोजन में पहुंचे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, खिलाड़ियों के साथ खेला क्रिकेट और बढ़ाया हौसला
पंचकुला। ताऊ देवीलाल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित ‘नमो क्रिकेट लीग’ का माहौल उस समय और जोशीला हो गया, जब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद खिलाड़ियों के बीच मैदान पर पहुंचे और उनके साथ क्रिकेट खेला। मुख्यमंत्री को खेलते देखकर मैदान में मौजूद खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों में उत्साह देखने को मिला। युवाओं के साथ सहज अंदाज में संवाद करते हुए धामी ने खेल को केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि जीवन को बेहतर दिशा देने वाला माध्यम बताया।
क्रिकेट के मैदान पर खिलाड़ियों के साथ समय बिताने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल व्यक्ति को जीत और हार दोनों परिस्थितियों को स्वीकार करना सिखाता है। मैदान पर बेहतर प्रदर्शन के लिए जिस तरह पूरी टीम को एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाकर आगे बढ़ना पड़ता है, उसी तरह जीवन में भी किसी बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए सामूहिक प्रयास, अनुशासन और निरंतर मेहनत की जरूरत होती है।
उन्होंने कहा कि खेलों से जुड़ने वाला युवा शारीरिक रूप से सक्रिय रहने के साथ मानसिक रूप से भी सकारात्मक ऊर्जा हासिल करता है। इसलिए युवाओं को अपनी दिनचर्या में खेल और फिटनेस को महत्वपूर्ण स्थान देना चाहिए।
30 से अधिक टीमों ने लिया हिस्सा
नमो क्रिकेट लीग में देश के अलग-अलग हिस्सों से आईं 30 से अधिक टीमों ने भागीदारी की। मैदान पर खिलाड़ियों में मुकाबले को लेकर उत्साह दिखाई दिया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न टीमों के खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनकी तैयारियों और खेल के अनुभवों के बारे में बातचीत की। उन्होंने खिलाड़ियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं।
धामी ने कहा कि खेल के क्षेत्र में सफलता अचानक नहीं मिलती। इसके लिए खिलाड़ी को लंबे समय तक अभ्यास करना पड़ता है और कई तरह की चुनौतियों से गुजरना होता है। उन्होंने युवाओं से कहा कि मैदान पर निरंतर मेहनत करने की आदत उन्हें जीवन के दूसरे क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।
नशे के खिलाफ युवाओं को किया जागरूक
कार्यक्रम का एक प्रमुख संदेश नशामुक्ति को लेकर भी रहा। मुख्यमंत्री ने आयोजन में मौजूद खिलाड़ियों और युवाओं को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि युवाओं के सामने आज अपनी ऊर्जा और प्रतिभा को सही दिशा देने की बड़ी जिम्मेदारी है। नशे की आदत व्यक्ति की क्षमता को प्रभावित करने के साथ उसके परिवार और समाज पर भी नकारात्मक असर डाल सकती है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने मित्रों तथा आसपास के युवाओं को भी इसके खिलाफ जागरूक करें। उनका कहना था कि युवा अगर खेल, फिटनेस, शिक्षा, रचनात्मक कार्यों और अपने करियर के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें तो उनकी ऊर्जा सकारात्मक परिणामों में बदल सकती है।
‘नशे को ना, खेल को हां’ का सामूहिक संकल्प
मुख्यमंत्री ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में किसी चीज की आदत लगानी ही है तो वह खेल और स्वस्थ जीवनशैली की होनी चाहिए। इसी तरह जुनून भी ऐसा हो जो व्यक्ति को अपने सपनों और निर्धारित लक्ष्यों की ओर लगातार आगे बढ़ाए।
उन्होंने कहा कि ‘नशे को ना, खेल को हां’ केवल कार्यक्रम के दौरान दोहराया जाने वाला संदेश नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे युवाओं की जीवनशैली का हिस्सा बनाने की जरूरत है। इस दौरान खिलाड़ियों और युवाओं ने एक साथ नशे से दूर रहने और खेलों को अपनाने का संकल्प लिया।
छोटे शहरों और गांवों से निकल रही खेल प्रतिभाएं
मुख्यमंत्री ने देश में खेलों को मिल रहे बढ़ते प्रोत्साहन का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ जैसे अभियानों के माध्यम से युवाओं को खेलों तथा फिटनेस के प्रति प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज खेल प्रतिभा केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। देश के गांवों और छोटे शहरों से निकलने वाले खिलाड़ी भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी की उपलब्धि के पीछे केवल उसकी प्रतिभा नहीं होती, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन, अभ्यास और लक्ष्य के प्रति समर्पण भी शामिल होता है। युवा खिलाड़ियों को इसी सोच के साथ अपने खेल को आगे बढ़ाना चाहिए।
हरियाणा की धरती ने देश को दिए अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी
धामी ने हरियाणा की खेल उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस राज्य ने भारतीय खेल जगत को अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए हैं। ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियन गेम्स और राष्ट्रमंडल खेलों जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हरियाणा के खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा का परिचय दिया है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा की खेल संस्कृति और खिलाड़ियों की मेहनत देश के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। खेल के प्रति समर्पण, कठिन परिस्थितियों में भी अभ्यास जारी रखना और लक्ष्य से ध्यान न भटकाना ही खिलाड़ियों को सफलता की ओर ले जाता है।
मैदान से युवाओं तक पहुंचा सकारात्मक जीवन का संदेश
‘नमो क्रिकेट लीग’ में मुख्यमंत्री की मौजूदगी ने आयोजन को खेल के साथ सामाजिक जागरूकता से भी जोड़ दिया। एक ओर उन्होंने खिलाड़ियों के साथ मैदान पर क्रिकेट खेलकर उनका उत्साह बढ़ाया, वहीं दूसरी ओर युवाओं को नशे से दूर रहने और अपनी ऊर्जा को सकारात्मक गतिविधियों में लगाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान खेल, फिटनेस और नशामुक्ति को लेकर युवाओं में जागरूकता बढ़ाने पर जोर रहा। सामूहिक संकल्प के साथ आयोजन का संदेश स्पष्ट रहा कि युवा अपनी प्रतिभा को नशे की गिरफ्त में जाने के बजाय खेल, स्वस्थ जीवनशैली, रचनात्मकता और अपने भविष्य के निर्माण में लगाएं।

