देहरादून ; 18.10.2026,
चम्पावत। चम्पावत में विकास की प्राथमिकताओं को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। गांवों में स्थानीय जरूरतों के अनुसार काम कराने के लिए प्रत्येक ग्राम सभा को 10 लाख रुपये देने से लेकर अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित करने तक, विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी योजनाओं को इस दौरान सामने रखा गया। मुख्यमंत्री ने जनपद में लगभग 96 करोड़ रुपये की लागत वाली 16 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया।
दौरे की शुरुआत नवनिर्मित सर्किट हाउस में पूजा-अर्चना और उसके लोकार्पण के साथ हुई। केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा भी इस अवसर पर मौजूद रहे। कार्यक्रमों के दौरान मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों के साथ स्थानीय लोगों की समस्याओं, सुझावों और क्षेत्र की जरूरतों पर भी चर्चा की।
गांवों को अपनी जरूरत के मुताबिक काम कराने का अवसर
चम्पावत विकासखंड की प्रत्येक ग्राम सभा को स्थानीय विकास कार्यों के लिए 10 लाख रुपये उपलब्ध कराने की मुख्यमंत्री की घोषणा गांवों की बुनियादी जरूरतों से जुड़ी है। इस राशि से संबंधित ग्राम सभाएं अपने क्षेत्र की प्राथमिकताओं के अनुरूप पुस्तकालय, संपर्क मार्ग, आजीविका से जुड़े कार्य और आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन जैसे काम करा सकेंगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य स्थानीय जरूरतों के मुताबिक विकास कार्यों को आगे बढ़ाना है। गांवों में किस सुविधा की अधिक आवश्यकता है, उसके अनुसार धनराशि का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
बरसात में जलभराव से राहत दिलाने की तैयारी
चम्पावत में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए करीब 66 करोड़ रुपये की लागत का ड्रेनेज प्लान तैयार किया गया है। जल निकासी की बेहतर व्यवस्था विकसित करना जनपद के शहरी क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण विषय है। योजना के माध्यम से इस समस्या का स्थायी समाधान तलाशने पर जोर दिया जा रहा है।
इसके साथ ही बिजली की लाइनों को भूमिगत करने और दूरस्थ इलाकों में संचार सुविधाओं का विस्तार करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य बुनियादी व्यवस्थाओं को अधिक मजबूत और सुविधाजनक बनाना है।
पर्यटन और यातायात के लिहाज से भी महत्वपूर्ण परियोजनाएं
चम्पावत की भौगोलिक स्थिति और धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए सड़क तथा परिवहन सुविधाओं का विकास अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग सहित विभिन्न सड़कों को सुगम बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया।
जनपद में बाईपास, बहुमंजिला पार्किंग और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। वहीं, टनकपुर में निर्माणाधीन अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) से परिवहन सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है। इन व्यवस्थाओं के बेहतर होने से यात्रियों और स्थानीय लोगों को लाभ मिल सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत को आदर्श जनपद के रूप में विकसित करने के लिए सरकार लंबी अवधि की जरूरतों को ध्यान में रखकर काम कर रही है। इसके तहत अगले 25 से 50 वर्षों की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए विकास की योजनाएं तैयार की जा रही हैं। सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना इस दिशा में प्रमुख प्राथमिकताएं हैं।
जिला बार एसोसिएशन को मिलेंगी नई सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने जिला बार एसोसिएशन के शपथ ग्रहण समारोह में भी भाग लिया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।
अधिवक्ताओं की कार्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने बैठने के लिए चैम्बर, वाहन पार्किंग और आधुनिक ई-लाइब्रेरी की स्थापना की घोषणा की। इसके अलावा जनपद की न्याय पंचायतों में सामुदायिक उपयोग के लिए भवनों का निर्माण कराने की बात भी कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय व्यवस्था को आम नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। लोगों को सरल, सुलभ और समय पर न्याय उपलब्ध कराना सरकार की प्रतिबद्धता है।
रजत जयंती पार्क का उद्घाटन, बच्चों से भी मिले मुख्यमंत्री
चम्पावत में 1.37 करोड़ रुपये की लागत से तैयार देवभूमि रजत जयंती पार्क का भी मुख्यमंत्री ने लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने पार्क में खेल रहे बच्चों को चॉकलेट बांटी और स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना।
पार्क का लोकार्पण जनपद में सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण कार्यक्रम रहा।
कर्मचारियों से लेकर पूर्व सैनिकों तक, कई वर्गों से बातचीत
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े लोगों के साथ संवाद किया। इनमें आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता, पीआरडी जवान, रोडवेज कर्मचारी, मिनिस्टीरियल संवर्ग के प्रतिनिधि, पशुपालक, पूर्व सैनिक, राज्य आंदोलनकारी और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल रहे।
उन्होंने मातृशक्ति, जनप्रतिनिधियों और अन्य स्थानीय संगठनों की बातें भी सुनीं। सप्तेश्वर/सप्तकोशी परिक्रमा प्रस्तावक समिति और मीडिया प्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा की गई। इन मुलाकातों में समस्याओं और सुझावों को समझने पर जोर रहा।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम
मुख्यमंत्री के चम्पावत पहुंचने पर सर्किट हाउस हेलीपैड में जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव और जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर श्याम नारायण पाण्डेय, मुकेश महाराना, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द सामंत, जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल और नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पाण्डेय समेत विभिन्न जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में केएमवीएन के निदेशक रोहित बिष्ट, एसडीएम बीसी पंत, अधिशासी अधिकारी भारत त्रिपाठी तथा अन्य विभागीय अधिकारियों सहित कई लोग मौजूद रहे।
चम्पावत दौरे में ग्रामीण विकास, परिवहन, जल निकासी और न्यायिक सुविधाओं से संबंधित घोषणाएं प्रमुखता से सामने आईं। इन योजनाओं का वास्तविक असर इनके क्रियान्वयन और तय समय में लोगों तक सुविधाएं पहुंचने पर निर्भर करेगा।

