12 may 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोगों से फिलहाल जरूरत के अनुसार ही सोना खरीदने और अनावश्यक खरीदारी टालने की अपील का असर अब सर्राफा बाजार में भी दिखाई देने लगा है। देश के कई व्यापारिक संगठनों और ज्वेलर्स ने प्रधानमंत्री की बात का समर्थन करते हुए इसे देश की आर्थिक स्थिरता और आम लोगों के हित में उठाया गया जिम्मेदार कदम बताया है।
सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि मौजूदा समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में सरकार चाहती है कि आम नागरिक भावनाओं में आकर निवेश न करें, बल्कि सोच-समझकर फैसला लें। व्यापारियों के अनुसार प्रधानमंत्री का संदेश बाजार को घबराने के लिए नहीं, बल्कि लोगों को आर्थिक रूप से जागरूक करने के लिए है।
कई ज्वेलर्स ने कहा कि देशहित सर्वोपरि है और यदि सरकार आर्थिक संतुलन बनाए रखने के लिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रही है, तो इसका स्वागत किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि इससे बाजार में अनावश्यक सट्टेबाजी और अचानक बढ़ती मांग पर नियंत्रण रखने में मदद मिल सकती है।
व्यापारियों ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा “वोकल फॉर लोकल” और आर्थिक अनुशासन की बात करते रहे हैं। ऐसे में उनकी अपील को व्यापक आर्थिक दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। कुछ कारोबारियों ने माना कि अल्पकाल में बाजार की गति थोड़ी धीमी हो सकती है, लेकिन लंबे समय में इससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और ग्राहकों का भरोसा भी बना रहेगा।
सर्राफा बाजार से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों, डॉलर की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण सोने के दाम तेजी से बढ़े हैं। ऐसे माहौल में सरकार लोगों को संतुलित निवेश की सलाह देकर आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहती है।
इस बीच कई व्यापारिक संगठनों ने भरोसा जताया है कि सरकार समय-समय पर ऐसे कदम उठाती रहेगी, जिससे आम जनता और व्यापार दोनों का हित सुरक्षित रह सके। कारोबारियों ने ग्राहकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जरूरत के अनुसार ही खरीदारी करने की अपील भी की है।

