28 july 2026 ; Dehradun !
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्य के शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों को वित्तीय मजबूती देने के उद्देश्य से 410.48 करोड़ रुपये की दूसरी त्रैमासिक अनुदान राशि जारी कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंजूरी के बाद यह राशि 102 नगर निकायों और 13 जिला पंचायतों के लिए स्वीकृत की गई है।
यह धनराशि छठे राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के क्रम तथा पांचवें राज्य वित्त आयोग की अनुशंसाओं के आधार पर वित्तीय वर्ष की जुलाई से सितंबर अवधि के लिए जारी की गई है। सरकार का कहना है कि इससे स्थानीय निकायों के नियमित कार्यों को गति मिलेगी और वित्तीय दबाव कम होगा।
जारी राशि में नगर निगमों को 148.25 करोड़ रुपये, नगर पालिका परिषदों को 141.94 करोड़ रुपये, नगर पंचायतों को 38.07 करोड़ रुपये तथा 13 जिला पंचायतों को 82.20 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं कुल राशि में से एक प्रतिशत धन केंद्रीयीकृत पेंशन निधि के लिए सुरक्षित रखा गया है।
सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शहरी निकाय सबसे पहले कर्मचारियों के वेतन, भत्तों, पेंशन और सेवानिवृत्ति संबंधी भुगतान सुनिश्चित करेंगे। इसके बाद पथ प्रकाश और जल संस्थान से जुड़े लंबित देयकों का निस्तारण किया जाएगा। बची हुई राशि का उपयोग सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कूड़ा संग्रह वाहन, डंपर, टिप्पर, जेसीबी, कंपेक्टर जैसे आवश्यक वाहनों की खरीद में किया जा सकेगा।
जिला पंचायतों के लिए भी यह राशि कर्मचारियों के वेतन-भत्तों और निर्वाचित प्रतिनिधियों के मानदेय के भुगतान में प्राथमिकता से खर्च की जाएगी। साथ ही उन्हें अपनी कुल राशि का न्यूनतम पांच प्रतिशत हिस्सा परिसंपत्तियों के रखरखाव और नई परिसंपत्तियों के निर्माण पर खर्च करने की अनुमति दी गई है।
सरकार को उम्मीद है कि इस वित्तीय सहायता से स्थानीय निकायों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और नागरिक सुविधाओं के संचालन में आने वाली वित्तीय बाधाएं काफी हद तक दूर होंगी।

