24 june 2026
उत्तराखंड वन विभाग के दैनिक श्रमिकों को बड़ी राहत: 10 साल की सेवा पर मिलेगा 18 हजार रुपये न्यूनतम मानदेय
देहरादून। उत्तराखंड वन विभाग में वर्षों से कार्यरत दैनिक श्रमिकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने विभाग में लंबे समय से सेवाएं दे रहे श्रमिकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रस्ताव के अनुसार, वन विभाग में लगातार 10 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले दैनिक श्रमिकों को न्यूनतम 18,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिए जाने का रास्ता साफ हो गया है। इस संबंध में कैबिनेट स्तर पर मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू किए जाने की तैयारी की जा रही है।
वन विभाग में बड़ी संख्या में ऐसे श्रमिक कार्यरत हैं जो वर्षों से जंगलों की सुरक्षा, पौधरोपण, वनाग्नि नियंत्रण, वन संपदा संरक्षण और अन्य फील्ड कार्यों में योगदान दे रहे हैं। लंबे समय से ये कर्मचारी बेहतर वेतन और सेवा सुरक्षा की मांग कर रहे थे। अब सरकार के इस फैसले से हजारों श्रमिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार, 10 वर्ष या उससे अधिक सेवा अवधि पूरी कर चुके श्रमिकों को न्यूनतम मानदेय का लाभ मिलेगा, जबकि अन्य श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए भी सेवा अवधि के आधार पर अलग व्यवस्था तैयार की जा सकती है। इससे श्रमिकों की आय में बढ़ोतरी होगी और उन्हें आर्थिक स्थिरता प्राप्त होगी।
वन विभाग के कर्मचारियों और श्रमिक संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि वर्षों से कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले श्रमिकों को सम्मानजनक मानदेय मिलना आवश्यक था। विशेष रूप से वनाग्नि सीजन और दुर्गम क्षेत्रों में कार्य करने वाले कर्मचारियों के लिए यह फैसला मनोबल बढ़ाने वाला साबित होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर मानदेय मिलने से विभाग में कार्यरत श्रमिकों की कार्यक्षमता और जवाबदेही भी बढ़ेगी। साथ ही वन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े कार्यों को भी मजबूती मिलेगी। सरकार की ओर से औपचारिक आदेश जारी होने के बाद इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा, जिसका लाभ पात्र दैनिक श्रमिकों को चरणबद्ध तरीके से मिल सकेगा।

